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एल्विश यादव का तहलका: सांप से नशे का सच, कितने दिन तक चढ़ता है खुमार!

रियलिटी शो बिग बॉस के विजेता और लोकप्रिय यूट्यूबर एल्विश यादव को हाल ही में एक गंभीर संकट का सामना करना पड़ा है। उनके ऊपर आरोप हैं कि वे रेव पार्टी में ड्रग्स और सांप का जहर उपयोग कर रहे थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी चार्जशीट और समन रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उन्हें एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में सभी आरोपों की विस्तृत जांच मुकदमे के दौरान की जाएगी।

सांप के जहर और नशीले पदार्थों के इस मामले का खुलासा संस्था पीपुल फॉर एनिमल (PFA) द्वारा किया गया था, जिसने स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से एल्विश के सांपों से जुड़े कृत्यों को उजागर किया। संस्था के गौरव गुप्ता के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि एल्विश यादव नोएडा और दिल्ली NCR के फार्महाउस में विदेशी लड़कियों के साथ रेव पार्टियों का आयोजन करते हैं और इन पार्टियों में स्नेक वेनम का सेवन किया जाता है। पुलिस और वन विभाग के सहयोग से की गई कार्रवाई में 9 जहरीले सांप और 20 मिलीमीटर जहर बरामद हुआ था, जिसमें कोबरा, अजगर, और दोमुंहे सांप शामिल थे।

इस मामले में एक सवाल यह भी उठता है कि नशे के लिए सांप का जहर कैसे प्रयोग किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांप का जहर नशीले पदार्थों का विकल्प है, जो कि कुछ लोगों द्वारा मॉर्फीन और कोकीन जैसे पारंपरिक नशीले पदार्थों से ऊब जाने पर उपयोग किया जाता है। सांप के जहर का उपयोग करते समय विशेष रूप से कोबरा के जहर का पाउडर बनाया जाता है, जिसे ड्रिंक के साथ मिलाकर सेवन किया जाता है। इसका नशा कई घंटों से लेकर पूरे दिन तक हो सकता है, जो जहर की मात्रा पर निर्भर करता है।

भारत में अलग-अलग प्रकार के सांपों का इस्तेमाल नशे के लिए होता है, जिसमें कोबरा, कॉमन क्रेट और हरा सांप शामिल हैं। इन सांपों के जहर की बिक्री में एक गहरा और अवैध बाजार है, जहां कोबरा के जहर की कीमत 4,000 से 26,000 रुपए प्रति ग्राम तक होती है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह कीमत और भी बढ़ जाती है। इसके अलावा, ये सांप बड़ी संख्या में अवैध रूप से तस्करी के लिए भी उपयोग किए जाते हैं, जिससे इस विषय में और भी जटिलता आ जाती है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, नशे के लिए सांपों के उपयोग को रोकने के लिए भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कानून बनाये गए हैं। एल्विश यादव के खिलाफ भी इस अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह घटना समाज में नशे के बढ़ते जोखिम और सांपों की तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को भी उजागर करती है। ऐसे मामलों पर समाज को गहरी नजर रखने की जरूरत है ताकि युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों की लत से बचाया जा सके।