Himachal Pradesh

हिमाचल में भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे और 625 सड़कें बंद, 1533 ट्रांसफार्मर ठप, 31 अगस्त तक अलर्ट

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो रविवार रात से सोमवार सुबह तक बिलासपुर जिला के काहू में सर्वाधिक 190 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा चंबा के जोत में 159, बिलासपुर के बरठीं में 156, नैना देवी और घाघस में 148-148, बिलासपुर में 140, चंबा के भटियात में 140, मलरान में 120, अंब में 111, अघ्घर में 110, बंगाणा में 104, रायपुर मैदान में 98, घुमरूर में 95, भरवाईं और नादौन में 94-94, सलापड़ व मुरारी देवी में 90-90, धर्मशाला में 87, भरेड़ी और कसौली में 85-85, सुंदरनगर व बलद्वारा में 84-84 मिलीमीटर वर्षा हुई है।

भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण प्रदेश में यातायात और बिजली-पानी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार सुबह तक हिमाचल प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे और 625 सड़कें अवरुद्ध रहीं। सबसे अधिक 319 सड़कें मंडी जिले में बाधित हुई हैं। इसके अलावा कुल्लू में 101, चंबा में 82, बिलासपुर में 24, सोलन में 22, कांगड़ा में 21, शिमला में 17 और सिरमौर में 15 सड़कें बंद पड़ी हैं। नेशनल हाईवे 305 कुल्लू जिले में कई जगह भूस्खलन से ठप है, जबकि मंडी जिले में एनएच-3 और एनएच-154 भी अवरुद्ध पड़े हैं।

बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का गहरा असर पड़ा है। प्रदेशभर में 1533 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। इनमें सोलन जिले में सबसे ज्यादा 447 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। इसके अलावा चंबा में 409, मंडी में 229, कुल्लू में 160, ऊना में 98, हमीरपुर में 87 और लाहौल-स्पीति में 84 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं।

पेयजल योजनाओं की बात करें तो पूरे प्रदेश में 168 स्कीमें प्रभावित हुई हैं। इनमें हमीरपुर में 54, चंबा और मंडी में 36-36 योजनाएं ठप हैं, जिससे लोगों को पेयजल आपूर्ति में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

वहीं बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से राज्य सरकार ने आज आठ जिलों हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा, सोलन, मंडी, चंबा और कुल्लू में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। लाहौल-स्पीति जिला के लाहौल और उदयपुर उपमंडलों में भी अवकाश घोषित किया गया है।