फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी पाने वाले 29 लोगों का कराया मेडिकल, 24 दिव्यांग कर्मचारी मिले अयोग्य
100 से कर्मियों की सूची तैयार
एसओजी ने जांच में अब तक 100 से अधिक कर्मियों की सूची तैयार की है। जिन्होने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी प्राप्त की है। एसओजी जांच में सामने आया कि जोधपुर निवासी अशोक राम पुत्र चेनाराम भादू ने मेडिकल बोर्ड के सामने खुद की जगह एक वास्तविक बधिर दिव्यांग व्यक्ति को भेजा था।इस मामले में एसओजी ने डमी कैंडिडेट को दबोच लिया था। जिसकी जानकारी मिलने के बाद अशोक राम फरार हो गया। गांधी नगर पुलिस ने श्रवण दास को गिरफ्तार कर लिया। शिकायत मिलने के बाद एसओजी 43 मामलों में मेडिकल बोर्ड जांच कर चुकी है। जिसमें से 37 प्रमाण -पत्र फर्जी पाए गए है। एसओजी इस मामले में विभागीय कर्मचारियों की भी भूमिका मान रही है।

