उज्जैनः शासन के आदेश के विरोध में तहसीलदारों ने की हड़ताल
शासन ने एक आदेश जारी किया था। इसके तहत कहा गया था कि तहसीलदारों के बीच गैर न्यायिक एवं न्यायिक कार्य विभाजन किया जाएगा। इस आदेश का विरोध सभी कर रहे हैं। इनका कहना था कि ऐसा करने से मानव संसाधन का दुरूपयोग होगा। तहसीलदारों का एक हिस्सा प्रोटोकाल ड्यूटी में ही खप जाएगा। इन्होने राजस्व मंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। मांग की कि उक्त मामले में शासन अपनी स्थिति स्पष्ट करे। ज्ञात रहे जिले में इस समय 32 तहसीलदार और नायब तहसीलदार हैं। ये 28 न्यायालयों में बैठकर राजस्व से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई करते हैं। काम बंद हड़ताल लम्बी चली तो कानून व्यवस्था एवं राजस्व से जुड़े मामलों की लम्बी लंबित सूची हो जाएगी।

