देहरा में लोगों के घरों पर डरावने संदेश वाले पत्थरों की बरसात, लोग दहशत में
ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआत में एक घर का ताला और ग्लेज टूटा पाया गया। इसके बाद लगातार पत्थर गिरने लगे। कई परिवार डर के साए में रातभर जागते रहे। प्रधान जसवीर गुलेरिया ने कहा यह सब देखकर लोग परेशान हैं। कुछ संदिग्ध भी इलाके में देखे गए है। लेकिन सही जानकारी नहीं मिल रही। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआती दिनों में वे नहीं समझ पा रहे थे कि यह किसका काम है।
गौरतलब है कि पूर्व विधायक के घर पर एमएचए की सुरक्षा और सीआरपीएफ जवान तैनात हैं। बावजूद इसके उनके घर से थोड़ी दूरी पर पत्थरों का गिरना और डरावना संदेश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
मामले की जांच कर रहे एसपी मयंक चौधरी ने अब स्पष्ट किया है कि पूरे मामले का सच कुछ और ही था। उन्होंने कहा, “शुरुआती जांच में यह पता चला है कि पत्थरों की बरसात कोई गंभीर मामला नहीं है। यह बच्चों की शरारत थी। उन्होंने मज़ाक में पत्थर फेंककर डर पैदा किया। ग्रामीण अब निश्चिंत रहें।
एसपी ने बताया कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही मजबूत थी और पूर्व विधायक के घर की सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं थी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अफवाहों में न आएं और सतर्क रहें। ग्रामीणों ने भी एसपी के बयान के बाद राहत की सांस ली। लेकिन कई लोग अभी भी आश्चर्यचकित हैं कि बच्चों ने इतनी डरावनी घटना को अंजाम देने के लिए पत्थरों पर संदेश कैसे लिखा। लोग अभी भी इस बात पर विश्वास नही कर रहे हैं कि यब बच्चों का काम हो सकता है।

