Delhi

सतर्कता को संस्थागत आदत बनाना जरूरीः नड्डा

नड्डा ने कहा कि शासन के प्रत्येक स्तर पर नैतिक मूल्यों को संस्थागत रूप देना और सतर्कता की संस्कृति विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि ‘क्या करें और क्या न करें’ की एक सरल सूची तैयार की जानी चाहिए ताकि कोई व्यक्ति सद्भावना या सहानुभूति के चलते अनजाने में गलती न करे। साथ ही, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को नियमित प्रक्रिया बनाने पर भी उन्होंने बल दिया। नड्डा ने कहा कि सतर्कता केवल एक सप्ताह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि इसे संस्थागत आदत बनाना चाहिए ताकि शासन अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और ईमानदार बने।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने इस वर्ष अगस्त में सभी संगठनों को 18 अगस्त से 17 नवम्बर तक तीन माह की निवारक सतर्कता अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, जिसमें लंबित शिकायतों का निस्तारण, लंबित मामलों का निपटारा, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, परिसंपत्ति प्रबंधन शामिल है।

कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे तथा सभी ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों का पालन करने की शपथ दोहराई।

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