Rajasthan

नीरजा मोदी स्कूल की छठी क्लास की छात्रा की चौथी मंजिल से गिरकर मौत

थानाधिकारी लखन सिंह खटाना ने बताया कि शनिवार को स्कूल की छत से छात्रा 12 वर्षीय छात्रा अमायरा के नीचे गिरने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। बच्ची को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह हादसा था या आत्महत्या, इसकी जांच की जा रही है। घटना शनिवार दोपहर की है। जहां छात्रा छत से झाड़ियां में जाकर गिरी और फिर सिर दीवार से टकराया। छत से नीचे गिरने पर छात्रा की चीखने की आवाज सुनकर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज खंगाल रही है।

इधर हादसे की सूचना मिलने ही छात्रा की मां शिवानी देव और पिता विजय देव अस्पताल पहुंचे। बच्ची की हालत को देखकर माता-पिता भी बेसुध हो गए। छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने घटनास्थल पर खून के धब्बे साफ करवा दिए थे। घटना के बाद घटनास्थल पर सबूत सुरक्षित रखना जरूरी होता है। लेकिन स्कूल प्रशासन की ओर से सबूत मिटा दिए गए। परिजनों ने स्कूल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रा के पिता एलआईसी में और मां बैंक ऑफ बड़ौदा में ब्रांच मैनेजर है। परिवार मानसरोवर के द्वारका अपार्टमेंट में रहता है।

इधर स्कूल की छत से गिरकर छठी क्लास की छात्रा की मौत के मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दुख प्रकट किया है। मंत्री ने कहा कि लगता है स्कूल में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध नहीं थे। विद्यालय संचालकों को बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी जयपुर को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रशासन ने सबूत मिटाए

स्कूल प्रशासन ने घटना के बाद वहां सफाई करवा दी, खून के धब्बे साफ करवा दिए। घटना के बाद घटनास्थल पर सबूत सुरक्षित रखना कानूनन जरूरी होता है, लेकिन स्कूल प्रशासन ने सबूत मिटा दिए। इधर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं परिजनों ने अभी तक पंचनामे पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। हस्ताक्षर के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। शुरुआती दौर में फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच की जा रही है। कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। पुलिस अधिकारी हर पहलू की छानबीन कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है

बच्ची की डेड बॉडी इतनी खराब स्थिति में थी

मेट्रो मास हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया कि जब बच्ची को हॉस्पिटल लेकर आए थे। उस वक्त सांसें लगभग थम चुकी थी। बच्ची की डेड बॉडी इतनी खराब स्थिति में थी कि देखकर हम लोग भी घबरा गए। उसकी पसलियां टूटकर आंतरिक अंगों के अंदर घुस गई थी, जिसकी वजह से बॉडी में हवा भर गई थी। हवा भरने की वजह से पूरी बॉडी में सूजन गई थी। सिर में भी गहरी चोट थी, जिसकी वजह से बच्ची के काफी ब्लीडिंग हुई थी, लेकिन स्टाफ ने इसका सीटी स्कैन नहीं करवाया था।

छात्रा को टीचर प्रताड़ित कर रहे थे

संयुक्त अभिभावक संघ राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि टीचर की प्रताड़ना से आहत होकर छात्रा ने खुदकुशी की। जहां से बच्ची ने छलांग लगाई, उस जगह से सबूत मिटाए गए हैं, जो गंभीर सवाल खड़े करते हैं। स्कूल और प्रशासन के रुख से लग रहा है कि घटना को दबाने और पेरेंट्स पर दोषारोपण करने की कोशिश की जा रही है। अमायरा के पिता विजय मूलतः गोहाना सीकर के रहने वाले हैं। वे लंबे समय से मुरलीपुरा के सिंधु नगर में रह रहे थे। इसके बाद बीटू बाईपास के पास द्वारका अपार्टमेंट में फ्लैट में यह अपने परिवार के साथ रहने आए थे। एसआई दिनेश ने बताया कि परिजनों ने पंचनामे पर हस्ताक्षर नहीं किए। पंचनामा पर हस्ताक्षर के बाद बच्ची का पोस्टमार्टम किया जाएगा।