ऑनलाइन छेड़छाड़ व साइबर उत्पीड़न के मामले में आरोपित गिरफ्तार
दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गाेयल ने शनिवार काे बताया कि आरोपित की पहचान मधुबनी बिहार निवासी मोहम्मद साहिद (37) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है। गोयल ने बताया कि 23 सितंबर को साइबर थाना पुलिस काे पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी तस्वीर का इस्तेमाल कर एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया है। उस अकाउंट से अपमानजनक पोस्ट की जा रही थी और उसके दोस्तों व फॉलोअर्स को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही थी। इससे उसकी छवि खराब करने और मानसिक उत्पीड़न करने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस पीड़िता के बयान पर मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच टीम ने फर्जी अकाउंट के डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण किया और इंस्टाग्राम/मेटा प्लेटफॉर्म से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सर्विलांस में पता चला कि यह अकाउंट आईएमटी मानेसर (हरियाणा) क्षेत्र से संचालित किया जा रहा है। इसके बाद इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की देखरेख में कई स्थानों पर छापेमारी की। लगातार तकनीकी निगरानी और प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपित मोहम्मद साहिद को मानेसर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि पीड़िता पहले उसके यहां काम करती थी और वेतन को लेकर उसका विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने बदला लेने की नीयत से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और उसमें महिला की पुरानी तस्वीर लगाकर अशोभनीय व आपत्तिजनक पोस्ट डालनी शुरू कीं। उसने स्वीकार किया कि उसका उद्देश्य महिला की सामाजिक छवि धूमिल करना था। पुलिस ने आरोपित के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। जिसमें वह फर्जी अकाउंट अब भी सक्रिय पाया गया। जांच में पता चला है कि आरोपित मूलत: बिहार के मधुबनी जिले का निवासी है। वह इंटरमीडिएट तक शिक्षित है और हरियाणा के मानेसर में एक फैक्टरी में काम करता है। वहीं पर पीड़िता भी कुछ समय के लिए कार्यरत रही थी। आर्थिक विवाद के बाद आरोपित ने उसे मानसिक रूप से परेशान करने के लिए यह कदम उठाया। पुलिस अब उसके डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किसी अन्य महिला या व्यक्ति के खिलाफ भी इसी तरह की हरकत तो नहीं की।
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