चिट्टा तस्कर को कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा
शिमला, 26 अप्रैल । जिला शिमला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक पुराने मामले में अदालत ने दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। रोहड़ू क्षेत्र में दर्ज एक चिट्टा तस्करी के मामले में विशेष अदालत ने आरोपी को चार साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा दी है। यह फैसला नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की जांच और अदालत में मजबूत पैरवी के बाद आया है।
यह मामला 14 नवंबर 2023 का है, जब थाना रोहड़ू पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक होटल में नशे की गतिविधि हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी थी। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी सूरज राणा, निवासी तहसील मोरी, जिला उत्तरकाशी (उत्तराखंड) के कब्जे से 10.34 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू की।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 14 मार्च 2024 को अदालत में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य और मजबूत जांच के आधार पर अपनी दलीलें रखीं। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
शिमला पुलिस के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधी रोहड़ू की अदालत ने आरोपी सूरज राणा को दोषी मानते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी रखा गया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को कंडा जेल भेज दिया गया है।
प्रवक्ता के मुताबिक कि यह फैसला नशा तस्करों के लिए एक सख्त संदेश है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों को कानून से बचाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जिला शिमला पुलिस न केवल तस्करों की गिरफ्तारी कर रही है, मजबूत जांच और अदालत में प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने पर भी पूरी तरह ध्यान दे रही है।
पुलिस ने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा, जिससे युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके और समाज में इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।

