रेलवे कर्मचारियों ने शिकागो के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, निजीकरण के खिलाफ बुलंद की आवाज
प्रयागराज, 30 अप्रैल । उत्तर मध्य रेलवे वर्कर्स यूनियन एवं इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले गुरुवार को प्रयागराज जंक्शन हावड़ा एंड पर रेलवे कर्मचारियों ने 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर में 8 घंटे कार्य दिवस की मांग को लेकर शहादत देने वाले मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीदों को याद किया गया।
इस दौरान नेशनल मूवमेंट टू सेव रेलवे के राष्ट्रीय प्रचार सचिव डॉ कमल उसरी ने कहा कि आज देश में 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू कर दिए गए हैं, जिससे ट्रेड यूनियन अधिकार कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लंबे संघर्ष से मिले 8 घंटे कार्य दिवस के अधिकार को कमजोर कर 12 घंटे काम की व्यवस्था थोपने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को रेलवे में पद समाप्त करने के बजाय कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन योजना (ओटीएस ) बहाल करनी चाहिए और एनपीएस एवं यूपीएस समाप्त करनी चाहिए। साथ ही जनता के सहयोग से रेलवे के निजीकरण को रोका जाएगा।
इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय सहायक महासचिव एवं उत्तर मध्य रेलवे वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय सहायक महामंत्री शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय रेलवे देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला संस्थान है, लेकिन लगातार निजीकरण की ओर बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि रेलवे के हजारों पद पुनर्वितरण या समाप्ति के लिए चिन्हित किए गए हैं, जबकि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि संविदा और ठेकेदारी प्रथा के चलते श्रमिकों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा है और कई जगह मजदूर लंबे समय तक काम करने को मजबूर हैं। कार्यक्रम में शिधार्थ त्यागी, आशीष कुशवाहा, विष्णु श्रीवास्तव, अनुराग, राम बाबू, शीतला प्रसाद, राम किशन, राजकरन बिंद, अखिलेश शर्मा, राममूरत और नितिन समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

