Rajasthan

अमर शहीद कमांडो प्रकाश खटीक का 15वां शहादत दिवस, आज भी शहीद का दर्जा और सम्मान का इंतजार

उदयपुर, 19 अप्रैल । राजस्थान पुलिस के बहादुर कमांडो अमर शहीद प्रकाश खटीक का 15वां शहादत दिवस रविवार को सायफन स्थित शहीद प्रकाश चौराहा, बेदला रोड पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध नागरिकों और परिवारजनों ने एकत्र होकर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके बलिदान को नमन किया।अमर शहीद प्रकाश समारोह समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र चौहान ने बताया कि शहादत के 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी कमांडो प्रकाश खटीक को वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस वीर जवान की प्रतिमा लगाने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन अब तक प्रशासन से स्वीकृति नहीं मिल पाई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शहीद की स्मृति में प्रतिमा स्थापना और अन्य सम्मानजनक कार्य जल्द किए जाएं।गौरतलब है कि उदयपुर के बेदला गांव निवासी कमांडो प्रकाश खटीक 19 अप्रैल 2011 को उस पुलिस दल का हिस्सा थे, जो कुख्यात गैंगस्टर भानूप्रताप सिंह को उदयपुर जेल से झालावाड़ कोर्ट पेशी के लिए ले जा रहा था। भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया क्षेत्र में अचानक एक दर्जन से अधिक बदमाशों ने पुलिस वैन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में कमांडो प्रकाश खटीक गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्होंने मौके पर ही वीरगति प्राप्त की। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद सामर, बजरंग दल के संस्थापक कमलेंद्र सिंह, दीपक शर्मा, जिनेंद्र शास्त्री, प्रताप सिंह राठौड़, पी.सी. खींची, गणेश सुयल, प्रभुलाल, महिपाल सिंह राठौड़, दीपक गौड़, कंवर निमावत, हिपेश चौहान, सुरेश प्रजापत, सूरज तंवर सहित बेदला गांव और उदयपुर शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।कार्यक्रम का संचालन पंच महासभा खटीक समाज उदयपुर के अध्यक्ष इंजीनियर भगवान प्रकाश चौहान ने किया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने शहीद के बलिदान को याद करते हुए सरकार से उनके नाम पर स्थायी स्मारक और उचित सम्मान देने की मांग की।