Himachal Pradesh

शिमला में तेज बारिश से छाया अंधेरा, मई में लौटी ठंड, कई जिलों में अलर्ट जारी

शिमला, 03 मई । हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में रविवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि दिन के उजाले में ही अंधेरा छा गया। मई महीने की शुरुआत में आमतौर पर जहां तापमान बढ़ने लगता है, वहीं शिमला में तेज बारिश, आंधी और घने बादलों ने मौसम को फिर सर्द बना दिया है।

आज सुबह की शुरुआत साफ और धूप भरे मौसम से हुई थी। लेकिन करीब आठ बजे के बाद अचानक काले बादल छा गए। तेज गर्जना और आंधी के साथ बारिश शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में हालात ऐसे हो गए मानो शाम हो गई हो। शहर के कई हिस्सों में दृश्यता कम हो गई और लोगों को लाइट जलानी पड़ी। इस अप्रत्याशित बदलाव ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ सैलानियों को भी हैरान कर दिया।

बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को फिर से गर्म कपड़े पहनने पड़े। बीते कुछ दिनों से शिमला में मौसम लगातार बदल रहा है। शनिवार शाम को भी हल्की से मध्यम बारिश हुई थी, हालांकि रात के दौरान मौसम साफ रहा।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम खराब बना रह सकता है। शिमला, कुल्लू, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट लागू है। विभाग का अनुमान है कि 7 मई तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी संभव है।

खराब मौसम का असर जनजीवन और कृषि दोनों पर पड़ रहा है। निचले इलाकों में इस समय गेहूं की कटाई का काम चल रहा है, लेकिन बारिश के कारण फसल भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसान खासे चिंतित हैं क्योंकि यह समय फसल को सुरक्षित घर लाने का होता है।

इस बीच, हाल ही में कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में आंधी के चलते एक पेड़ चलती गाड़ी पर गिर गया था, जिसमें चार शिक्षिकाओं की मौत हो गई थी।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बरतें।