Delhi

नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सभी की निरंतर सहभागिता जरूरी है: विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली, 14 जून । दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने रविवार को कहा कि नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जनता में स्वामित्व की भावना, जवाबदेही और निरंतर नागरिक सहभागिता बेहद जरूरी है।

विजेन्द्र गुप्ता ने पुराना लोहे का पुल स्थित छठ घाट पर आयोजित ‘यमुना स्वच्छता अभियान’ के दौरान यह बात कही। यह स्वच्छता अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के बारह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

अध्यक्ष ने कहा, “केवल सरकारी धन व्यय करना ही काफी नहीं है बल्कि सभी की सहभागिता बेहद जरूरी है। स्वच्छ यमुना एक स्वस्थ दिल्ली और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। हमारा लक्ष्य यमुना की खोई हुई गरिमा को पुनर्स्थापित करना तथा भावी पीढ़ियों को एक बेहतर पर्यावरण सौंपना है।”

उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि पिछले वर्षों में यमुना की सफ़ाई पर हज़ारों करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद नदी लगातार प्रदूषित और बदहाल होती गई। स्थायी बदलाव तभी मुमकिन है जब सरकारी प्रयासों के साथ-साथ दिल्ली के नागरिक भी सक्रिय रूप से आगे आएं।

गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ घाट और निर्मल यमुना दिल्ली के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जीवन की आधारशिला हैं। छठ पूजा और अन्य धार्मिक पर्वों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालु तभी सही मायने में पूजा-अर्चना कर पाएंगे जब उन्हें साफ़-सुथरे घाट मिलेंगे।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि क्षतिग्रस्त मूर्तियों और अन्य धार्मिक सामग्रियों को नदी में विसर्जित करने के बजाय, उन्हें घाटों से सम्मानपूर्वक हटाकर उनका समुचित निस्तारण किया जाए ताकि नदी की पवित्रता बनी रहे।

गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ ने देश में स्वच्छता को एक राष्ट्रीय संकल्प बना दिया है। इसी तर्ज पर दिल्ली में भी आज छठ घाट से शुरू हुआ यह अभियान एक दीर्घकालिक मिशन है, जिसे आने वाले दिनों में यमुना के अन्य सभी घाटों और तटों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान से जुड़ने और दिल्ली के इस प्राकृतिक गौरव को बचाने में अपना योगदान देने का आग्रह किया।

इस दौरान नागरिकों, स्वयंसेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा अध्यक्ष के साथ मिलकर यमुना तट पर भारी श्रमदान किया।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार की ओर से ‘यमुना तट स्वच्छता अभियान 2026’ के तहत एक महा-सफाई अभियान (मेगा क्लीनिंग ड्राइव) का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत दिल्ली में यमुना के 28 प्रमुख घाटों और तटीय क्षेत्रों पर एक साथ बड़े पैमाने पर सफाई की गई। इसका उद्देश्य राजधानी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है।