गोरखपुर में फिटनेस का जुनून, इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर सुनीत जाधव से रूबरू हुए युवा
गोरखपुर, 20 जून । फिटनेस के प्रति जागरूकता और युवाओं को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित GZIKART के ‘मीट एंड ग्रीट’ कार्यक्रम में उस समय जोश और उत्साह चरम पर पहुंच गया, जब इंटरनेशनल बॉडीबिल्डर सुनीत जाधव पहुंचे। GZIKART खोवामंडी लेन विजय चौक पर बड़ी संख्या में युवाओं, जिम ट्रेनर्स और फिटनेस प्रेमियों ने भाग लिया। युवाओं ने सुनीत जाधव का फूल-मालाओं से जोरदार और यादगार स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान एक ही संदेश गूंजता रहा—“फिटनेस सही तरीके से, सही प्रोडक्ट के साथ।
सुनीत जाधव, जो आईएफबीबी प्रो लीग में प्रो कार्ड जीतने वाले भारत के प्रमुख बॉडी बिल्डरों में शामिल हैं, ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के दौर में सबसे बड़ा खतरा नकली (डुप्लीकेट) सप्लीमेंट्स से है। “अगर आप गलत और नकली सप्लीमेंट लेते हैं तो आपकी बॉडी डैमेज हो सकती है। इसलिए हमेशा ऑथेंटिक डिस्ट्रीब्यूटर से ही प्रोडक्ट खरीदें, जैसे GZIKART जैसे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म,”।
उन्होंने यह भी बताया कि फिटनेस का मतलब सिर्फ मसल्स बनाना नहीं, बल्कि एक अनुशासित जीवन जीना है। “कोई शॉर्टकट नहीं होता। सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और सही गाइडेंस ही आपको आगे ले जाती हैा।
कार्यक्रम में ‘फेक को फेक’ अभियान भी प्रमुख आकर्षण रहा, जिसके तहत लोगों को असली और नकली सप्लीमेंट्स के बीच फर्क समझाया गया।
GZIKART के डायरेक्टर और फिटनेस गुरु ई. माज खान ने कहा कि बाजार में तेजी से बढ़ रहे नकली प्रोडक्ट्स युवाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। “हमारा उद्देश्य सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि युवाओं को जागरूक करना है, ताकि वे सही और सुरक्षित प्रोडक्ट का चयन करें,”।
सुनीत जाधव की उपलब्धियां भी युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र रहीं। उन्होंने वर्ष 2021 में IFBB प्रो कार्ड जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। इसके अलावा वे 3 बार मिस्टर इंडिया ओवरऑल चैंपियन (2016, 2017, 2019), 6 बार महाराष्ट्र श्री ओवरऑल चैंपियन (2014-2019) और 2018 में मिस्टर एशिया ओवरऑल चैंपियन रह चुके हैं। उनकी यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत और सही दिशा से ही मुकाम हासिल होता है।
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें सही जानकारी और प्रेरणा देते हैं। कई युवाओं ने यह भी स्वीकार किया कि वे पहले बिना जांचे-परखे सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब वे सावधानी बरतेंगे।
जिम संचालकों और ट्रेनर्स ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि फिटनेस इंडस्ट्री में जागरूकता की बेहद जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर युवा सही मार्गदर्शन और सही प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें तो वे न केवल बेहतर शरीर बना सकते हैं, बल्कि स्वस्थ जीवन भी जी सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने घोषणा की कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके।
यह आयोजन केवल एक मीट एंड ग्रीट नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश बनकर सामने आया—“फिटनेस में कोई समझौता नहीं, डुप्लीकेट से दूरी और ऑथेंटिक को ही प्राथमिकता।”

