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बच्चों में निवेश बढ़ाने से मध्य प्रदेश की मजबूत होगी नींव : पवैया

भोपाल, 29 जून । मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बच्चों में निवेश बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए उन्हें वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से आयोग अपनी अनुशंसाओं में बच्चों के विकास से जुड़े आवश्यक संकेतकों को शामिल करने पर गंभीरता से विचार करेगा।

पवैया ने यह बात सोमवार को राज्य वित्त आयोग कार्यालय, भोपाल में यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित बैठक में बच्चों के समग्र विकास, पोषण और समावेशी आर्थिक विकास को लेकर हुठ बैठक में कही। बैठक में यूनिसेफ मध्य प्रदेश के प्रमुख विलियम हेनलोन जूनियर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि पंचायतों एवं शहरी निकायों के लिए वित्तीय हस्तांतरण का सूत्र निर्धारित करते समय बच्चों की आवश्यकताओं और उनके विकास से जुड़े संकेतकों को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

उन्होंने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के आधार पर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में बौनापन, शारीरिक दुर्बलता, कुपोषण तथा बाल विवाह की स्थिति से अवगत कराते हुए इन संकेतकों को आयोग की अनुशंसाओं में शामिल करने का सुझाव दिया। साथ ही इस विषय में यूनिसेफ द्वारा आयोग को तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया।

बैठक में अध्यक्ष पवैया ने यूनिसेफ के प्रस्तुतीकरण और सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि इस संवाद से राज्य वित्त आयोग को स्थानीय निकायों के वित्तीय सशक्तिकरण को बच्चों के विकास से जोड़कर देखने का नया दृष्टिकोण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि बच्चों के हितों को प्राथमिकता देने वाली योजनाओं को स्थानीय स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए वित्तीय संसाधनों का समुचित प्रावधान आवश्यक है और आयोग इस दिशा में सकारात्मक पहल करेगा।

बैठक में राज्य वित्त आयोग के सदस्य के.के. सिंह, सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार सहित आयोग के अधिकारी उपस्थित रहे। यूनिसेफ की ओर से पूजा सिंह तथा दिल्ली कार्यालय से सोमेन बागची भी बैठक में शामिल हुए।