द्रव्यवती नदी को लेकर पेश न्यायमित्र की रिपोर्ट पर रुख स्पष्ट करे सरकार-हाईकोर्ट
जयपुर, 23 जुलाई । राजस्थान हाईकोर्ट ने द्रव्यवती नदी के संरक्षण से जुड़े मामले में राज्य सरकार से न्याय मित्र की ओर से पेश की गई रिपोर्ट पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी पूछा है कि नीरी की ओर से अंबाबाड़ी इलाके में कैनाल बनाने की सिफारिश पर क्या किया गया है। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश पीएन मैंदोला की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र शोभित तिवाडी और अलंकृता शर्मा ने अदालत को बताया कि उनकी ओर से गत फरवरी माह में रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। जिसमें कई खामियों को उजागर किया गया है। करीब छह माह बीतने के बाद भी अब तक सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि रिपोर्ट में कोई कामिया हैं तो उसे बताए, वरना रिपोर्ट पर कार्रवाई करें। इस दौरान अदालत के पूछने पर अतिरिक्त महाधिवक्ता जीएस गिल ने बताया कि उनकी ओर से विभागों की मीटिंग ली गई हैं। इस पर अदालत ने कहा कि न्यायमित्र की रिपोर्ट पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को 12 अगस्त तक न्यायमित्र की रिपोर्ट पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। गौरतलब है कि न्यायमित्र की ओर से पूर्व में रिपोर्ट पेश कर कहा गया था कि नदी में कई जगहों पर अनट्रीटेड पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके चलते चंदलाई बांध का पानी भी प्रभावित हो रहा है। जनहित याचिका में द्रव्यवती नदी में अतिक्रमण व अवैध निर्माण को चुनौती दी गई है।

