Rajasthan

महाप्रबंधक  ने किया गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का निरीक्षण

जयपुर, 11 जुलाई । उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने शनिवार को गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकसित कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति,गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक भूपेश यादव के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल स्थित गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन का आधुनिक एवं विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त स्टेशन के रूप में पुनर्विकास किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 211 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में पुनर्विकास कार्य अपने अंतिम चरण में है तथा अधिकांश निर्माण कार्य फिनिशिंग स्टेज पर पहुँच चुके हैं।

पुनर्विकसित स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर,सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। स्टेशन भवन, प्रवेश द्वार, प्रतीक्षालय, यात्री परिसंचरण क्षेत्र, प्रकाश व्यवस्था,सौंदर्यीकरण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के प्रथम एवं द्वितीय प्रवेश द्वार पर टिकट बुकिंग काउंटर तथा यात्रियों के बैठने हेतु सामान्य प्रतीक्षालय प्रारंभ कर दिए गए हैं,जिससे यात्रियों को टिकट प्राप्त करने एवं प्रतीक्षा के दौरान अधिक सुविधा मिल रही है।

गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पूर्ण होने के बाद यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं,बेहतर यात्री सेवाओं एवं आकर्षक स्वरूप के साथ जयपुर के प्रमुख उपनगरीय रेलवे स्टेशनों में अपनी विशेष पहचान स्थापित करेगा।

जयपुर के उपनगरीय स्टेशन गांधीनगर जयपुर का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकास किया जा रहा है। गांधीनगर जयपुर के पुनर्विकास का कार्य लगभग 211 करोड़ रूपए की लागत के साथ कार्य किया जा रहा है।

स्टेशन पर मुख्य और द्वितीय प्रवेश की बिल्डिंग का कार्य पूरा हो गया है और फिनिशिंग कार्य चल रहा है। स्टेशन पर 72 मीटर चौड़ाई के एयर कोनकॉर्स का कार्य भी पूर्ण हो गया है। गांधीनगर जयपुर स्टेशन पर दो नई बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। सामने की ओर की मुख्य प्रवेश पर 4516 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में जी+2 बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। स्टेशन पर 8 लिफ्ट और 4 एस्केलेटर लगाये जायेंगे और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।

स्टेशन के द्वितीय प्रवेश पर जी+2 बिल्डिंग 3029 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित की गई है। प्रवेश द्वार पर दुपहिया और चौपहिया वाहनों की पर्याप्त पार्किंग के लिए 7000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में दो मंजिला बेसमेंट का निर्माण किया गया है। स्टेशन पर 6000 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्लेटफार्म शेल्टर की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।

गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर एयर कॉनकोर्स बनाया गया है जो दोनों बिल्डिंग को प्लेटफार्मों के ऊपर से जोड़ते हुए बनाया गया है। नवनिर्मित एयर कॉनकोर्स 72 मीटर चौड़ाई में लगभग 2700 वर्ग मीटर में क्षेत्र में बनाया गया है। इस एयर कॉनकोर्स में यात्रियों को वेटिंग रूम की सुविधा के साथ-साथ शॉपिंग काम्पलेक्स,कैफेटेरिया,गेम ज़ोन जैसी सुविधाएं भी मिलेगी और यह क्षेत्र यात्रियों के साथ-साथ आमजन के लिए भी उपलब्ध रहेगा। एयर कॉनकोर्स में लगभग 2200 वर्ग मीटर से अधिक का क्षेत्र वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए रखा गया है।

स्टेशन पुनर्विकास में ऊर्जा खपत में कमी के लिए ग्रीन बिल्डिंग आधारित सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है जो नवीनीकरणीय ऊर्जा के साथ कचरे के निस्तारण,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि जैसे संसाधनों युक्त बनाई गई है। स्टेशन पर 1376 KwP क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया गया है।

रेलवे द्वारा गांधीनगर जयपुर स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को तेजी से किया जा रहा है ताकि रेल यात्रियों को स्टेशन पर अत्याधुनिक व बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें साथ ही गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशनों की बिल्डिंग का निर्माण गुलाबी नगर जयपुर की स्थानीय कला के साथ किया जा रहा है।