नरेन-होल्डर की घातक गेंदबाजी से एलए नाइट राइडर्स ने पहली बार जीता मेजर लीग क्रिकेट का खिताब
ओकलैंड, 19 जुलाई । सुनील नरेन और जेसन होल्डर की शानदार गेंदबाजी के दम पर लॉस एंजिलिस नाइट राइडर्स (एलए नाइट राइडर्स) ने इतिहास रचते हुए पहली बार मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) का खिताब अपने नाम कर लिया।
ओकलैंड कोलिजियम में स्थानीय समयानुसार शनिवार रात खेले गए रोमांचक फाइनल में एलए नाइट राइडर्स ने गत चैंपियन वॉशिंगटन फ्रीडम को एक रन से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ एमआई न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन फ्रीडम के तीन साल के दबदबे का भी अंत हो गया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए एलए नाइट राइडर्स की टीम 19.4 ओवर में 164 रन पर सिमट गई। टीम के लिए आंद्रे फ्लेचर ने 27 गेंदों में 47 रन, कॉलिन मुनरो ने 29 गेंदों में 40 रन और मैथ्यू ट्रॉम्प ने 21 गेंदों में 39 रनों की तेज पारी खेली। वॉशिंगटन फ्रीडम की ओर से बेन ड्वारशुइस ने तीन विकेट, जबकि रचिन रविंद्र और निखिल चौधरी ने दो-दो विकेट लिए।
165 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वॉशिंगटन फ्रीडम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अनुभवी स्पिनर सुनील नरेन और कप्तान जेसन होल्डर ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर टीम को दबाव में बनाए रखा। नरेन ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 13 रन देकर तीन विकेट झटके, जबकि होल्डर ने तीन विकेट हासिल किए।
हालांकि, ओबस पीनार ने निचले क्रम में 24 गेंदों पर 53 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मुकाबले को आखिरी गेंदों तक पहुंचा दिया। उन्होंने अकेले दम पर वॉशिंगटन की उम्मीदें जिंदा रखीं, लेकिन उनकी शानदार पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी। वॉशिंगटन की टीम निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट पर 163 रन ही बना सकी और उसे एक रन से हार का सामना करना पड़ा।
एलए नाइट राइडर्स ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल में दबाव के बीच संयम बनाए रखते हुए पहली बार एमएलसी ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

