Uttarakhand

सड़क नहीं तो वोट नहीं, बजून-फगुनियाखेत के ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

नैनीताल, 31 जुलाई । नैनीताल जनपद की न्याय पंचायत खुर्पाताल के अंतर्गत ग्राम सभा बजून-फगुनियाखेत के ग्रामीणों ने क्षेत्र को सड़क सुविधा से नहीं जोड़े जाने पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि गांव तक सड़क नहीं पहुंची तो वे “सड़क नहीं तो वोट नहीं” के संकल्प के साथ चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

फगुनियाखेत गांव में आयोजित महिला समूह की बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी नैनीताल मुख्यालय और उच्च न्यायालय से मात्र 11 किलोमीटर दूर स्थित गांव तक तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। इसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि बीमारों और गर्भवती महिलाओं को आज भी डोली के सहारे पैदल मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे कई बार उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय किए गए वादों के बावजूद जनप्रतिनिधियों ने गांव की उपेक्षा की है। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या भी गांव के विकास के लिए कभी नहीं पहुंचीं।

बैठक में मौजूद भाजपा नेता हेम आर्य ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए सड़क निर्माण की मांग को शासन और प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाने का आश्वासन दिया।

बैठक में ओबीसी ग्रामीण मोर्चा के महामंत्री गौरव गोस्वामी, जानकी कोटलिया, आईपीआरपी अनीता, प्रधान प्रतिनिधि नंदन सिंह, भूपाल सिंह, नीमा कनवाल, किशन भट्ट, हरीश सिंह, शंकर सिंह, कमला देवी, हिमानी, हेमा, बबीता, भवानी देवी, लता देवी, किरण देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।