मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के भवनों को गिराने की याचिका वापस लेने के आधार पर कोर्ट ने खारिज की
प्रयागराज, 29 जुलाई । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के तीन दर्जन भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरुद्ध दाखिल याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी एवं न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने दिया है। याची की ओर से न्यायालय को बताया गया कि मुरादाबाद के मंडलायुक्त की अदालत ने ध्वस्तीकरण पर स्थगन आदेश कर दिया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अब याचिका सुनवाई के लिए पोषणीय नहीं है तो याची के अधिवक्ता ने याचिका को वापस लेने का आग्रह किया, जिसके बाद कोर्ट ने याचिका वापस लेने के आधार पर खारिज कर दी।

