Rajasthan

798 केंद्रों पर 1.01 लाख विद्यार्थियों ने दी संघ शताब्दी यात्रा सामान्य ज्ञान परीक्षा

जयपुर, 09 अगस्त । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से डॉ. हेडगेवार स्मृति सेवा प्रन्यास सीकर की ओर से विभिन्न विद्यालयों में संघ शताब्दी यात्रा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई। ब्लॉक स्तर पर हुई इस परीक्षा में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। सीकर जिले में में 798 परीक्षा केंद्रों पर 1,01,799 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।

प्रतियोगिता का पाठ्यक्रम भारतीय इतिहास, संस्कृति, राष्ट्रजीवन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष की यात्रा को केंद्र में रखकर तैयार किया गया। इसमें संत रविदास की 650वीं जयंती, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष, गुरु तेग बहादुर के बलिदान के 350वें वर्ष तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया।

प्रन्यास के सचिव राधाकिशन चोबदार ने बताया कि प्रतियोगिता का पाठ्यक्रम व्यापक और ज्ञानवर्धक रखा गया है। इसमें भगवान महावीर, भगवान देवनारायण, महाराजा सूरजमल और महाराणा प्रताप सहित विभिन्न महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और योगदान से संबंधित विषयों को स्थान दिया गया है। साथ ही भारतीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रजीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी पाठ्यक्रम का हिस्सा रहे। प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा बताए गए पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख विषयों—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य को भी शामिल किया गया। इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी भूमिका तथा जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला।

चोबदार ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए 29 जून से 25 जुलाई तक पंजीकरण कराया गया था। ब्लॉक स्तर की परीक्षा के बाद प्रत्येक ब्लॉक से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष पांच विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों की जिला स्तरीय परीक्षा 23 अगस्त को आयोजित होगी। इसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें भारत के इतिहास, संस्कृति, राष्ट्रजीवन और महापुरुषों के योगदान से परिचित कराना है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ सामाजिक सरोकार, राष्ट्रीय चेतना और नागरिक दायित्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।