मंडी-पधर के कर्नल अंशुल यादव संभालेंगे इन्फैंट्री यूनिट की कमान
मंडी, 23 अगस्त । मंडी जिला के पधर उपमंडल की ग्राम पंचायत कुन्नू के जुंढर गांव निवासी कर्नल अंशुल यादव को भारतीय सेना की इन्फैंट्री यूनिट की कमान संभालने का गौरव प्राप्त हुआ है। वर्तमान में भटिंडा में तैनात कर्नल अंशुल यादव अब 22वीं बटालियन द जाट रेजिमेंट में कमांडिंग अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी इस उपलब्धि से न केवल जुंढर और पधर क्षेत्र बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
कर्नल अंशुल यादव स्वर्गीय जय सिंह यादव और शीला यादव के सुपुत्र हैं। उनके पिता स्वर्गीय जय सिंह यादव शिक्षा विभाग में उप निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि माता शीला यादव प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। शिक्षित और अनुशासित पारिवारिक पृष्ठभूमि में पले-बढ़े अंशुल यादव ने अपनी मेहनत और लगन से सैन्य क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। 15 मार्च 1988 को जन्मे अंशुल ने प्रांरभिक स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा से प्राप्त की। वर्ष 2006 में उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2009 में एनडीए खड़गवासला से प्रशिक्षण पूरा किया। इसके बाद वर्ष 2010 में भारतीय सैन्य अकादमी आईएमए देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय सेना में कमीशन हासिल किया। महज 22 वर्ष की आयु में वर्ष 2010 में लेफ्टिनेंट के रूप में सेना में शामिल हुए कर्नल अंशुल यादव ने करीब डेढ़ दशक के सैन्य करियर में देश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं दी हैं।
उन्होंने चुनौतीपूर्ण और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण भारत-चीन सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में दो बार तैनाती के दौरान भी अपनी सेवाएं दी। सेना में विभिन्न पदों और स्थानों पर जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के बाद अब उन्हें एक इन्फैंट्री यूनिट की कमान सौंपी गई है।
कर्नल अंशुल यादव की उपलब्धि से गुर्जर समाज में भी खुशी की लहर है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जुंढर जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर भारतीय सेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचना युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उनकी उपलब्धि ने परिवार के साथ-साथ क्षेत्र और गुर्जर समाज का मान बढ़ाया है।

