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नवाचार, रचनात्मकता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रेरक केंद्र बना कंपोजिट विद्यालय मातीपुर

मुरादाबाद, 24 अगस्त । जब सीखने को प्रयोगों से, पढ़ाई को रचनात्मकता से और विद्यालय को बच्चों की प्रतिभा के मंच से जोड़ा जाए, तो शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती। जनपद मुरादाबाद के विकासखंड मूढापांडे का कंपोजिट विद्यालय मातीपुर उर्फ मैनी इसी सोच को साकार करते हुए नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्रेरणादायी मिसाल बन रहा है।

कंपोजिट विद्यालय मातीपुर उर्फ मैनी मूढापांडे में वर्तमान में 162 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और पिछले तीन वर्षों से नामांकन में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रधानाध्यापिका मंजू रानी सैनी ने सोमवार को बताया कि विद्यालय में ऐसे नवाचार किए जा रहे हैं, जिनका सीधा प्रभाव बच्चों की उपस्थिति, सीखने की क्षमता और शैक्षिक गुणवत्ता पर दिखाई दे रहा है। नवाचार के क्षेत्र में उन्हें जनपद में प्रथम स्थान तथा शिक्षण में आईसीटी के प्रभावी प्रयोग के लिए जनपद में तृतीय स्थान प्राप्त हो चुका है।

पढ़ाई बनी रोचक, बच्चे बने सक्रिय सीखने वाले :

विद्यालय में टीएलएम, गतिविधि आधारित शिक्षण, खेल-खेल में शिक्षा, कॉन्सेप्ट मैपिंग और आईसीटी का नियमित प्रयोग किया जाता है। प्रत्येक शनिवार को रीडिंग कैंपेन, चित्रकला, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच मिलता है। प्रतिदिन समाचार पत्र वाचन और प्रार्थना सभा में सामान्य ज्ञान के प्रश्न बच्चों में पढ़ने की आदत और ज्ञान के विस्तार को बढ़ावा देते हैं।

कक्षा से आगे, हर क्षेत्र में उपलब्धियों की उड़ान :

विद्यालय के विद्यार्थी खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं में पीटी में प्रथम, योग बालक वर्ग में तृतीय तथा लोकनृत्य बालिका वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यार्थियों ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में न्याय पंचायत स्तर से लेकर डायट स्तर तक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

हर त्योहार बना सीखने का अवसर :

विद्यालय में त्योहारों को भी शिक्षा और रचनात्मकता से जोड़ते हुए ‘उत्सव नवाचार’ के रूप में मनाया जाता है। वहीं इको क्लब, मीना मंच और बाल संसद के माध्यम से बच्चों में पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना विकसित की जा रही है। विद्यालय निपुण आकलन में निपुण घोषित हो चुका है। मिशन शक्ति के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा जा रहा है।

पुस्तकों से दोस्ती, सीखने की नई संस्कृति :

विद्यालय का पुस्तकालय बच्चों के लिए ज्ञान और कल्पना की दुनिया खोल रहा है। रंग-बिरंगी पुस्तकों और नियमित पठन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में पढ़ने, समझने, सोचने और अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित की जा रही है। बच्चों की बनाई रचनाएं और गतिविधियां कक्षा-कक्षों को उनकी सृजनात्मकता का जीवंत मंच बनाती हैं।

बढ़ता नामांकन, बढ़ती उपलब्धियां और बच्चों में बढ़ता आत्मविश्वास :

नवाचार आधारित शिक्षण, रचनात्मक गतिविधियों और उत्कृष्ट उपलब्धियों के साथ यह विद्यालय ‘हमारे आदर्श विद्यालय’ की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।