Rajasthan

श्रम न्यायालय ने दिए आईएएस संदीप वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश, वर्मा सहित वर्तमान एमडी का वेतन भी रुकेगा

जयपुर, 20 अगस्त । जयपुर मेट्रो-द्वितीय के श्रम न्यायालय-एक ने रोडवेज के एक बस कंडक्टर के साप्ताहिक अवकाश पर किए काम व ओवरटाइम का बकाया नहीं देने पर सख्ती दिखाते हुए रोडवेज के तत्कालीन एमडी व मौजूदा एसीएस संदीप वर्मा के खिलाफ संबंधित एसएचओ को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के एसीएस संदीप वर्मा के वेतन से सीधे कटौती कर मूल बकाया का 12 फीसदी वार्षिक ब्याज व्यक्तिगत रूप से वसूलें और पूरी बकाया राशि की वसूली नहीं होने तक उनका वेतन रोके। वहीं अदालत ने आरएसआरटीसी के एमडी पुरुषोत्तम शर्मा के वेतन से भी कटौती कर अतिरिक्त 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की वसूली की जाए व वसूली पूरी होने तक उनका वेतन भी रोके। श्रम न्यायालय के पीठासीन अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता ने यह आदेश सीताराम की ओर से दायर याचिका पर दिए।

न्यायालय ने आदेश की कॉपी केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भेजकर संदीप वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने और हाईकोर्ट को रेफरेंस भेजकर उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए भी कहा है। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी श्रमिक से निर्धारित मजदूरी का भुगतान किए बिना ओवरटाइम काम कराना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत बेगार और जबरन श्रम के समान है। न्यायालय ने पालना रिपोर्ट एक सितंबर 2026 को पेश करने के लिए कहा है।

मामले के अनुसार याचिकाकर्ता सीताराम ने साल 1996 से 2013 के बीच के 124 साप्ताहिक अवकाश के दिनों में काम किया था। जिसका नियमानुसार दोगुना ओवरटाइम भुगतान देय था, लेकिन रोडवेज ने उसे राशि का भुगतान नहीं किया। भुगतान दिलवाने के लिए उसने 2018 में श्रम न्यायालय में गुहार लगाई। जून 2026 में न्यायालय ने 1,09,740 रुपए ब्याज सहित भुगतान के आदेश दिए थे। लेकिन रोडवेज ने उसे केवल 13,076 रुपए का ही आंशिक भुगतान किया।