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दिल्ली दवा घोटाला में राजीव रंगीला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली, 25 अगस्त । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के दवा घोटाला में राजीव रंगीला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। स्पेशल जज विद्या प्रकाश ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपों की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है।

कोर्ट ने कहा कि अपराध में आरोपित की भूमिका को देखते हुए उससे हिरासत में पूछताछ जरुरी है। राजीव रंगीला पर आरोप है कि उसने मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति ज्यादा कीमतों पर की। सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से पेश वकील कुमार संजय ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आगे की जांच के लिए आरोपित की जरूरत है और उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट भी जारी किया था चुका है। उसे भगोड़ा करार देने के लिए जरूरी प्रक्रिया अभी लंबित है।

उन्होंने कहा कि रंगीला ने ज्यादा कीमतों पर सामानों की आपूर्ति की। वो मेडिकल उपकरणों का निर्माण भी नहीं करता है जो कि टेंडर की पूर्व शर्त है। एसीबी के मुताबिक रंगीला ने करीब सौ बैंक खातों में अपने रिश्तेदारों को पैसे भेजे। इसके पहले कोर्ट ने 18 अगस्त को दिल्ली के स्वास्थ्य सेवाओं के पूर्व महानिदेशक डॉ वत्सला अग्रवाल को चार हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी थी। कोर्ट ने 17 अगस्त को इस मामले में डॉ. विनोद कुमार रंगा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। दोनों आरोपितों को एंटी करप्शन ब्रांच ने दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीदी में सात सौ करोड़ रुपये की गड़बड़ी करने के मामले में गिरफ्तार किया था।

इस मामले में एंटी करप्शन ब्रांच ने सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर 2 जून को एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में करीब सात सौ करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में कहा गया है कि दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय और दिल्ली सरकार के सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी ने इस हेराफेरी को अंजाम दिया।