Rajasthan

एक सप्ताह में करें अधिकरण में करें नियुक्तियां वरना कार्मिक सचिव हो पेश

जयपुर, 04 अगस्त । राजस्थान उच्च न्यायालय ने सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण में बीते लंबे समय से अध्यक्ष व सदस्यों के खाली पदों पर नियुक्त नहीं होने को गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को नियुक्ति करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने कहा है कि यदि नियुक्ति नहीं हुई तो कार्मिक सचिव अदालत में हाजिर होकर इस संबंध में जवाब पेश करें। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता दिलीप कुरका व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

जनहित याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार के सेवा संबंधी मामलों से जुडे विवादों की सुनवाई के लिए राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण का गठन किया गया है। जिसमें एक अध्यक्ष के साथ कम से कम दो सदस्य होने चाहिए। अधिकरण के अंतिम नियमित अध्यक्ष के तौर पर तैनात आईएएस विकास सीताराम भाले का गत मार्च माह में तबादला हो चुका है। इसके बाद से अध्यक्ष का पद रिक्त है। हालांकि सदस्य के तौर पर तैनात एक अन्य पूर्व आईएएस को अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं अधिकरण में केवल एक न्यायिक सदस्य ही प्रभावी रूप से कार्यरत है। जब ये सदस्य अनुपलब्ध होते है तो अधिकरण में काम नहीं होता। जिसके चलते अधिकरण में वर्तमान में 1300 से अधिक अपील प्रभावी सुनवाई के बिना लंबित चल रही हैं। जिसके चलते कर्मचारियों के तबादले, पदोन्नति, वरिष्ठता और पेंशन सहित अन्य विवादों पर सुनवाई में काफी देरी हो रही है। अधिवक्ताओं ने इस संबंध में राज्य सरकार को भी कई बार अभ्यावेदन दिया, लेकिन अभी तक अधिकरण में नियुक्ति नहीं हुई है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार को नियुक्ति के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।