Uttarakhand

कौशल प्रशिक्षण से छात्राओं का बढ़ा आत्मविश्वास, रोजगार की तैयारी पर जोर

पौड़ी गढ़वाल, 19 सितंबर ।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. बीजीआर परिसर पौड़ी में समाजशास्त्र विभाग और नांदी फाउंडेशन (महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह की सीएसआर पहल) के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय एम्प्लायबिलिटी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम का समापन हुआ। प्रशिक्षण में छात्राओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशलों के साथ आत्मविश्वासल व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाए गए।

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को कम्युनिकेशन, प्रेजेंटेशन, इंटरव्यू स्किल और करियर अवेयरनेस से जुड़े व्यावहारिक सत्र कराए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास और रोजगारपरक क्षमताओं का विकास करना रहा।

समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए परिसर की प्रभारी निदेशक प्रो. रिहाना जैदी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा देते हैं। पूर्व परिसर निदेशक प्रो. प्रभाकर बडोनी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण जरूरी है। रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. पुरोहित ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारकर उन्हें व्यावहारिक चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. किरन बाला ने कहा कि रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करने वाले ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के व्यावहारिक क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इस दौरान डॉ. ल्हामु शेरिंग डुक्पा ने प्रशिक्षण की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की। नांदी फाउंडेशन के प्रशिक्षक हर्षवर्धन सैनी और शुभम वर्मा ने प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों और उपलब्धियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. धारणा शर्मा ने आभार व्यक्त किया। संचालन शोधार्थी राखी सती और बलवंत सिंह बंशीवाल ने किया। छात्राओं तमन्ना, सिया, रेशमा, दीक्षा, अस्मिता, दीक्षा शानू नेगी और सृष्टि भंडारी ने प्रशिक्षण के अनुभव साझा करते हुए इसे आत्मविश्वास, संवाद और साक्षात्कार कौशल विकसित करने में उपयोगी बताया।

इस अवसर पर प्रो. अनीता रुदोला, प्रो. कुसुम डोबरियाल, प्रो. डॉ. सपना सेमवाल, डॉ. विक्रम नेगी, डॉ. विपुल, डॉ. सुरेखा, डॉ. ललिता, डॉ. अंकिता बिष्ट सहित प्राध्यापक और शोधार्थी उपस्थित रहे।