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मप्रः जीआईएस-2027 में शामिल होंगे प्रधानमंत्री मोदी, तैयारियों को लेकर संभागायुक्त ने दिए जरूरी निर्देश

भोपाल, 23 सितम्बर । राजधानी भोपाल में जनवरी 2027 के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 (जीआईएस-2027) को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रस्तावित समिट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित किया जाना है। इसी सिलसिले में बुधवार को संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने संभागायुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि समिट से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करें।

संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि जीआईएस-2027 मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रस्तावित समिट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित किया जाना है। समिट की परिकल्पना ‘सप्तधारा’ विजन पर आधारित है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग पावर, एग्रीकल्चर एवं फूड पावर, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन, गति शक्ति (इंफ्रास्ट्रक्चर), रक्षा शक्ति (डिफेंस पावर), ग्रीन एंड ब्लू इकोनॉमी तथा सॉफ्ट पावर सहित सात प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित चर्चा प्रस्तावित है।

बैठक में एमडी, एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला, नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरओ भोपाल विशाल सिंह चौहान, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकाश श्रीवास्तव, मकसूद अहमद, संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, एडीएम सुमित पांडेय सहित लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगर निगम भोपाल, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और तकनीकी अभियंता उपस्थित रहे।

पर्यटन स्थलों से जुड़े मार्गों को बनाया जाए सुगम और आकर्षक

संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि जीआईएस-2027 में शामिल होने वाले वैश्विक प्रतिनिधियों के लिए विश्व धरोहर स्थल सांची के बौद्ध स्तूपों, प्रागैतिहासिक भीमबेटका की शैलकला, ऐतिहासिक भोजपुर शिव मंदिर और धार्मिक नगरी उज्जैन के भ्रमण की योजना हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए इन प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़े मार्गों को सुगम, सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाए, ताकि आगंतुकों को प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का बेहतर अनुभव मिल सके। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, नगर निगम और एमपीआरडीसी के अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र की सड़कों, चौराहों और संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं समयबद्ध मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। प्रमुख मार्गों पर आधुनिक एवं स्पष्ट साइनेज, सुव्यवस्थित डायवर्जन मार्किंग तथा सौंदर्यीकरण कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को कहा, ताकि अतिथियों का आवागमन सुरक्षित, सुगम और निर्बाध रहे।

आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा

बैठक में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, सतगढ़ी में प्रस्तावित जीआईएस-2027 आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, पार्किंग, एप्रोच रोड और प्रस्तावित हेलिपैड के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने भोपाल एयरपोर्ट से आयोजन स्थल तक के प्रमुख मार्गों के रेस्टोरेशन का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को बजट संबंधी आवश्यक प्रस्ताव एवं डिमांड लैटर प्रस्तुत करने तथा सैद्धांतिक अनुमति के आधार पर आवश्यक कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही भोपाल के प्रमुख मार्गों के रेस्टोरेशन, विशेष स्वच्छता अभियान, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों, उद्यानों और शहर के प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण का कार्य भी समयबद्ध रूप से शुरू करने को कहा।

स्थानीय उद्योगपतियों और औद्योगिक संगठनों की सहभागिता

जीआईएस-2027 में अंतरराष्ट्रीय उद्योगपतियों के साथ स्थानीय उद्योगपतियों और औद्योगिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बैठक में चर्चा हुई। संभागायुक्त ने एमएसएमई विभाग को निर्देश दिए कि दिसंबर तक अभियान चलाकर संभाग के सभी जिलों के औद्योगिक संगठनों, उद्योग संघों और स्थानीय उद्योगपतियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा उनकी मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा के अनुरूप हो आतिथ्य

संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि ‘अतिथि देवो भव:’ की भारतीय आतिथ्य परंपरा के अनुरूप GIS-2027 में भोपाल आने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों के समक्ष शहर की समृद्ध, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल छवि प्रस्तुत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर का वातावरण ऐसा हो, जिससे आगंतुक भोपाल और मध्यप्रदेश की सुखद स्मृतियां अपने साथ लेकर लौटें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों से निर्धारित समय-सीमा में सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।