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नेपाल के जोखिमपूर्ण हिमतालों का जलस्तर घटाने की तैयारी, ब्लास्टिंग पर भी विचार

काठमांडू, 13 सितंबर । नेपाल सरकार के ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने बताया है कि सरकार जोखिमपूर्ण हिमतालों का जलस्तर घटाने के लिए आवश्यक तैयारी कर रही है।

मंत्री श्रेष्ठ ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अत्यधिक जोखिम वाले हिमतालों का जलस्तर कम करने को लेकर मंत्रालय ने गृहकार्य आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि जोखिम वाले हिमतालों के पानी को वैज्ञानिक तरीके से निकालकर संभावित खतरे को कम करने पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि कुछ जोखिमपूर्ण हिमतालों में ब्लास्टिंग के जरिए जलस्तर घटाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।

मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि जोखिमपूर्ण हिमतालों के पानी को वैज्ञानिक तरीके से निकालकर उन्हें खतरे से मुक्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम आपदा जोखिम की पूर्व तैयारी को लेकर गंभीर हैं। तैयारी पूरी होने के बाद निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, किन-किन हिमतालों का जलस्तर घटाया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। मंत्री के मुताबिक विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है और विशेषज्ञों ने कई हिमतालों के नाम सुझाए हैं। जोखिम का स्तर और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर जलस्तर घटाने का फैसला किया जाएगा।

मंत्री श्रेष्ठ ने बताया कि ग्रीन क्लाइमेट फंड से प्राप्त सहयोग का उपयोग करते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और स्थानीय तह के सहयोग से जोखिमपूर्ण हिमतालों का जलस्तर घटाने का काम इसी वर्ष आगे बढ़ाया जाएगा। संयुक्त अध्ययन के अनुसार नेपाल में 21 हिमताल जोखिमयुक्त हैं। इनमें से कोशी और गंडकी क्षेत्रों में चार हिमताल अति उच्च जोखिम वाले माने गए हैं।