फर्जी सिम, मॉडिफाइड बाइक और सेकेंड हैंड वाहनों पर पुलिस का शिकंजा
जयपुर, 29 सितंबर । शहर में शांति, कानून-व्यवस्था और जन सुरक्षा बनाए रखने के लिए जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने विभिन्न गतिविधियों और संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट प्रदीप मोहन शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत शहर में सात अलग-अलग विशेष निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 30 सितंबर से 28 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उधर नगरीय निकाय चुनाव-2026 के मद्देनजर 19 अगस्त को लागू की गई पूर्व निषेधाज्ञा को स्थिति सामान्य होने के बाद 29 सितंबर को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। इसके बाद अब अलग-अलग विषयों को लेकर नए आदेश लागू किए गए हैं।
शहर के नाइट क्लब, पब, डिस्कोथेक, बार और फार्म हाउस में देर रात होने वाली पार्टियों तथा आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष पाबंदियां लगाई गई हैं। इन स्थानों पर प्रतिबंधित मादक पदार्थों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। रात 10 बजे बाद डीजे, लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने पर रोक रहेगी, जबकि रात 12 बजे के बाद शराब की बिक्री और संचालन बंद करना होगा।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट के आधार पर चिन्हित आठ स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें राज्यपाल निवास के पीछे का गार्डन, संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल, मानसरोवर निगम कार्यालय, साइंस पार्क, राजापार्क गली नंबर-3, छोटी चौपड़, विश्वकर्मा और सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।
इन शांत एवं आवासीय क्षेत्रों में वाहनों के प्रेशर हॉर्न पर रोक रहेगी। भारी वाहनों का आवागमन, लाउडस्पीकर, तेज संगीत और पटाखों पर भी प्रतिबंध रहेगा। औद्योगिक एवं व्यावसायिक परिसरों में ध्वनि को नियंत्रित करने के लिए ध्वनि-रोधी व्यवस्था का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।
मकान मालिक, प्रतिष्ठान और संस्थान संचालक बिना पुलिस सत्यापन के किराएदार, घरेलू नौकर, चालक, चौकीदार अथवा अन्य कर्मचारी नहीं रख सकेंगे। संबंधित व्यक्ति का पूरा विवरण और पहचान संबंधी दस्तावेज 15 दिन के भीतर नजदीकी पुलिस थाने में उपलब्ध कराना होगा।
बैंक, एटीएम, मॉल, ज्वैलरी शॉप, स्कूल-कॉलेज, पेट्रोल पंप, बहुमंजिला सोसायटी, सिनेमा हॉल और शराब की दुकानों में नाइट विजन और पावर बैकअप वाले उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। कैमरों की कम से कम 30 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी और पुलिस के मांगने पर उपलब्ध करानी होगी। कैमरे लगाने के एक माह के भीतर इसकी सूचना संबंधित थाने को देना भी जरूरी होगा।
होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाओं में बिना पहचान पत्र के किसी व्यक्ति को ठहराने पर रोक रहेगी। प्रत्येक ठहरने वाले व्यक्ति का फोटोयुक्त पहचान पत्र, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण सुरक्षित रखना होगा। इसकी जानकारी पुलिस के ‘ई-विजिटर्स पोर्टल’ पर अपलोड करनी होगी।
मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों, डीलरों और रिटेलरों को वैध पहचान पत्र तथा भौतिक सत्यापन के बिना सिम जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। सिम बिक्री का दैनिक रिकॉर्ड रखना होगा और उसकी मासिक रिपोर्ट adcpint.sec@gmail.com पर भेजनी होगी। बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड पांच वर्ष तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
कबाड़ियों और पुराने वाहन खरीदने-बेचने वाले डीलरों को लेन-देन का अलग रजिस्टर रखना होगा। इसमें फॉर्म-29 और 30, डिलीवरी लेटर तथा खरीदार-विक्रेता के आधार, पैन और आरसी सहित पहचान दस्तावेजों की प्रतियां रखनी होंगी। संबंधित परिसरों में सीसीटीवी लगाना भी अनिवार्य किया गया है।
गैराज संचालक और मैकेनिक मोटरसाइकिलों के साइलेंसर में ऐसा बदलाव नहीं कर सकेंगे जिससे पटाखे जैसी तेज आवाज निकले। तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा आरसी का सत्यापन किए बिना अमानक या फैंसी नंबर प्लेट लगाने की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जारी आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नए आदेशों का उद्देश्य शहर में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा, ध्वनि नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी मजबूत करना है।

