Rajasthan

राजस्थान पुलिस ने बताए व्हाट्सऐप खाते सुरक्षित रखने के सात उपाय

जयपुर, 15 सितंबर । व्हाट्सऐप अब केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है। इसमें निजी फोटो, दस्तावेज, ओटीपी और महत्वपूर्ण संवाद भी सुरक्षित रहते हैं। साइबर अपराधी खाते पर नियंत्रण हासिल कर ठगी, फर्जी पहचान और ब्लैकमेलिंग जैसी वारदात कर सकते हैं। इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध शाखा आर4सी ने आमजन को व्हाट्सऐप खाते और चैट सुरक्षित रखने के सात उपाय बताए हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर अपराध वीके सिंह ने बताया कि व्हाट्सऐप के संदेश और कॉल सामान्य रूप से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहते हैं, लेकिन गलत सेटिंग, अनधिकृत पहुंच और उपयोगकर्ता की लापरवाही से निजी जानकारी जोखिम में पड़ सकती है।

व्हाट्सऐप की सेटिंग में अकाउंट के टू-स्टेप सत्यापन के तहत छह अंकों का पिन सेट करें और पुनर्प्राप्ति ई-मेल जोड़ें। पंजीकरण कोड या पिन किसी से साझा नहीं करें। सुविधा उपलब्ध होने पर पासकी का भी इस्तेमाल करें। लिंक्ड डिवाइसेज में जाकर समय-समय पर जांचें कि खाता किन कंप्यूटर, लैपटॉप या अन्य उपकरणों से जुड़ा है। पुराने या संदिग्ध उपकरणों से तुरंत लॉग आउट करें। महत्वपूर्ण चैट के लिए चैट लॉक का इस्तेमाल करें और उसे फिंगरप्रिंट या फेस आईडी से सुरक्षित करें। व्हाट्सऐप का ऐप लॉक भी सक्रिय रखें। प्रोफाइल फोटो, अबाउट, अंतिम बार सक्रिय रहने का समय, ऑनलाइन स्थिति और स्टेटस जैसी जानकारियों को केवल संपर्कों तक सीमित रखें। ग्रुप में कौन जोड़ सकता है, इसकी सेटिंग भी नियंत्रित रखें। समय-समय पर निजता जांच सुविधा का इस्तेमाल करें। चैट बैकअप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड बैकअप सक्रिय करें और इसे पासवर्ड अथवा 64 अंकों की एन्क्रिप्शन कुंजी से सुरक्षित रखें। महत्वपूर्ण चैट और ग्रुप के लिए उन्नत चैट निजता सुविधा सक्रिय रखें। इससे चैट निर्यात और मीडिया के स्वतः सुरक्षित होने जैसी गतिविधियों पर अतिरिक्त नियंत्रण मिलता है। स्पैम और फर्जी कॉल से बचने के लिए अनजान कॉल करने वालों को शांत रखने की सुविधा सक्रिय करें। कॉल के दौरान आईपी पता छिपाने का विकल्प भी चालू रखें। राजस्थान पुलिस ने केवल आधिकारिक व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने और जीबी व्हाट्सऐप जैसे संशोधित या क्लोन ऐप से बचने की सलाह दी है।