अभाविप ने भोपाल में निकाली विद्यार्थी रैली, ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ का दिया संदेश
भोपाल, 24 अक्टूबर । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) भोपाल महानगर की ओर से शनिवार को राजधानी के अटल पथ, टीटी नगर में ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ आह्वान के तहत विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन आयोजित किया गया।
दोपहर एक बजे हुए इस कार्यक्रम में अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी और मध्यभारत प्रांत के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी प्रमुख रूप से शामिल हुए। प्रदर्शन में विद्यार्थियों ने भाग लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने रैली निकालकर ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ का संदेश दिया। अभाविप की ओर से कहा गया कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान, कानून और जनता के मताधिकार पर आधारित है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में लाने और अराजकता के माध्यम से राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के प्रयास स्वीकार्य नहीं हैं। निर्वाचन प्रक्रिया या संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए किया जाना चाहिए।
रैली के बाद खुले मंच का आयोजन किया गया। इसमें छात्र नेताओं ने लोकतंत्र की महत्ता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखे। विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूक रहने और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े युवाओं की ताकत का उदाहरण मध्यप्रदेश में देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि एक समय मध्यप्रदेश की स्थिति अव्यवस्था जैसी थी और स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रात का होमवर्क शाम को करने के लिए चिमनी की रोशनी में पढ़ना पड़ता था। उनके अनुसार, आज मध्यप्रदेश विकसित राज्यों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
डॉ. सोलंकी ने दिग्विजय सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर और सनातन का विरोध करने वाले लोगों को भी आज सनातन यात्रा करनी पड़ रही है। उन्होंने इसे राष्ट्रवादी विचारधारा के युवाओं की ताकत बताया।
वहीं नेहा बोरा का जिक्र करते हुए डॉ. सोलंकी ने दावा किया कि उन्होंने अपने पिता से 10 साल तक बात नहीं की और जेएनयू में पढ़ाई के दौरान उनका ब्रेनवॉश किया गया। उन्होंने नेहा बोरा के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का युवा उनकी तरह नहीं सोचता और देश को बांग्लादेश नहीं बनने देगा।
अभाविप के मध्यभारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि कुछ लोग भारत को बांग्लादेश बनाने का सपना देख रहे हैं और देश को अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी युवाओं के झूठे प्रतिनिधि बनकर घूम रहे हैं। चतुर्वेदी ने जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि कश्मीर में आतंकियों द्वारा तिरंगा जलाए जाने के समय ऐसे लोग कहां थे।
उन्होंने नेहा बोरा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह एआईएसए (AISA) संगठन की अध्यक्ष हैं और इस संगठन पर आतंकवादियों के समर्थन में मार्च निकालने का आरोप लगाया। चतुर्वेदी ने कहा कि कुछ लोग देश में अराजकता फैलाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारत की युवा पीढ़ी और नागरिकों की आस्था संवैधानिक व्यवस्था में कायम है।
अभाविप ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास, मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर आधारित है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक और वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उनका समाधान संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे में होना चाहिए। परिषद ने संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखने को प्रत्येक नागरिक का दायित्व बताया।


