बुंदेलखंड में आकार ले रहा बीडा का औद्योगिक भविष्य
लखनऊ, 03 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास और भूमि अर्जन की प्रक्रिया को तेजी मिली है। बीडा के 01 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, परियोजना के लिए 33 ग्रामों में कुल 56,662 एकड़ अनुमोदित क्षेत्र में से अब तक 28,874 एकड़ भूमि का अर्जन पूरा किया जा चुका है। प्रथम चरण में 35,298 एकड़ और द्वितीय चरण में 21,364 एकड़ भूमि अनुमोदित है।
बीडा क्षेत्र में भूमि अर्जन की प्रक्रिया में पिछले महीनों में निरंतर प्रगति हुई है। नवंबर से सितंबर तक कुल 7,026 एकड़ अतिरिक्त भूमि अर्जित की गई। सितंबर 2026 में अकेले 616 एकड़ भूमि का अर्जन हुआ, जिसके साथ कुल अर्जित भूमि का आंकड़ा 28,874 एकड़ पहुंच गया। यह भूमि अर्जन बीडा में प्रस्तावित औद्योगिक, वाणिज्यिक और आधारभूत संरचनात्मक विकास के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रहा है।
बीडा के 2,320 एकड़ क्षेत्रफल को एक्टिवेशन एरिया के रूप में चिह्नित किया गया है। इसके प्रथम चरण में 1,000 एकड़ क्षेत्र विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए ड्राफ्ट सेक्टर प्लान तैयार किया गया है, जिस पर महायोजना के अनुमोदन के उपरांत अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस क्षेत्र में सड़क, जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति देने की तैयारी है।
एक्टिवेशन एरिया के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों में 132 केवी विद्युत पारेषण लाइन, 30 एमएलडी जल ट्रंक लाइन, सड़क अवसंरचना, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, विद्युत डक्ट, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, एवेन्यू प्लांटेशन, प्रशासनिक भवन एवं आईसीसीसी, प्रवेश द्वार, जल वितरण पाइपलाइन एवं ओवरहेड टैंक तथा विद्युत वितरण नेटवर्क और 33/11 केवी सबस्टेशन शामिल हैं। इन कार्यों की अनुमानित कुल लागत 447.01 करोड़ रुपये है। शासन द्वारा इन परियोजनाओं को अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत कराए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। संबंधित कार्यों के डीपीआर तैयार किए जा चुके हैं तथा उनके परीक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
बीडा क्षेत्र में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए क्लस्टर आधारित विकास की योजना तैयार की गई है। इनमें डेटा सेंटर/आईटी, केमिकल और डिफेंस सेक्टर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। डेटा सेंटर/आईटी क्लस्टर के लिए 1,000 एकड़ क्षेत्र चिह्नित है, जिसमें 810 एकड़ भूमि अर्जित की जा चुकी है। इस क्लस्टर आधारित विकास से बीडा क्षेत्र में विविध औद्योगिक गतिविधियों के लिए समेकित आधारभूत सुविधाएं विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
बीडा परियोजना के लिए आवश्यक जल उपलब्धता को लेकर भी अंतरराज्यीय समन्वय किया जा रहा है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश द्वारा मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश को प्रेषित अर्द्धशासकीय पत्र तथा वार्ता के क्रम में 23 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के जल संसाधन विभाग के साथ बैठक हुई। इसमें बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण परियोजना के लिए 216 एमएलडी जल उपलब्ध कराने के संबंध में मध्य प्रदेश सरकार की सहमति से अवगत कराया गया।
बीडा की संभावनाओं को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों और संस्थानों ने निवेश में रुचि दिखाई है। बीडा की संभावित निवेशकों की सूची में समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड, बीईएमएल लिमिटेड, रैप्हे एमफिब्र, फेयर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (लुलु समूह), प्रभातम ग्रुप, कॉनकॉर, सिद्धार्थ लॉजिस्टिक्स, सिफी टेक्नोलॉजीज, श्री सतीश चंद्र गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट (मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज) तथा एनआईसीडीसी शामिल हैं। ये रुचियां क्रमशः ऑटोमोटिव, रक्षा, एफएमसीजी, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, आईटी और संस्थागत क्षेत्र से जुड़ी हैं।

