कमेटी तय करेगी कि प्रार्थियों का कार्य मेडिकल नर्सिंग ऑफिसर के समान है या नहीं
जयपुर, 27 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती-2023 में अनुभव के बोनस अंक देने से जुडे मामले में याचिकाकर्ताओं के कार्य की जांच के लिए प्रमुख चिकित्सा सचिव की अध्यक्षता में दो सप्ताह में एक कमेटी बनाने के लिए कहा है। यह कमेटी तय करेगी कि उनका काम नर्सिंग ऑफिसर के समान है या नहीं। इस कमेटी में चिकित्सा निदेशक, निदेशक-अराजपत्रित चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाएं, निदेशक सीफू, रजिस्ट्रार नर्सिंग कौंसिल और एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर व झालावाड मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को भी शामिल करने के लिए कहा है। जस्टिस अनूप कुमार ने यह आदेश दिनेश चन्द सहित अन्य की करीब तीन दर्जन याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि यदि कमेटी याचिकाकर्ताओं का कार्य नर्सिंग ऑफिसर के समान पाए तो उन्हें अनुभव के बोनस अंक देने पर विचार करे।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि राज्य सरकार ने 5 मई 2023 को 6981 नर्सिंग ऑफिसर के पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में डायलिसिस टेक्नीशियन, साइटिक नर्स, ईसीजी सहायक, वैक्सीनेटर व क्षय रोग निवारण केन्द्रों पर संविदा के आधार पर चिन्ह्ति टीबी व डीआर टीबी व मरीजों की विजिट व उपचार संबंधी काम करने वाले याचिकाकर्ताओं को अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर बोनस अंक का लाभ नहीं दिया गया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि वे राजस्थान चिकित्सा अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 के नियम 19 के तहत अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में बोनस अंक प्राप्त करने के हकदार हैं। इसलिए उन्हें भी बोनस अंक का लाभ दिया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने मामले में प्रमुख चिकित्सा सचिव की कमेटी गठन के आदेश दिए हैं।


