Rajasthan

पूर्व आरपीएससी सदस्य को पुलिस अभिरक्षा में बेटे के विवाह में शामिल होने की अनुमति

जयपुर, 09 अक्टूबर । ईडी मामलों की विशेष अदालत ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती को लेकर उदयपुर के बेकरिया और सुखेर पुलिस थानों में दर्ज मामलों और मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में जेल में बंद आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा को अपने बेटे के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए 9 दिसंबर से 13 दिसंबर तक पुलिस सुरक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है। हालांकि पेपर लीक से जुडे तीन अन्य मामलों में एडीजे कोर्ट ने कटारा को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।

अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र में कटारा की ओर से अधिवक्ता भानू प्रकाश शर्मा ने अदालत को बताया की वह लंबे समय से जेल में बंद है और मामले आरोप पत्र पेश हो चुका है। प्रार्थी के एकमात्र बेटे का विवाह 12 दिसंबर को होना तय हुआ है। उसकी पत्नी मानसिक रूप से गंभीर बीमार है। ऐसे में उसे विवाह की व्यवस्थाएं और रीति-रिवाजों में शामिल होने के लिए साठ दिन की अंतरिम जमानत का लाभ दिया जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी ने आरपीएससी का सदस्य होते हुए वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के सामान्य ज्ञान व शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का पेपर लीक कर लाखों रुपए वसूले हैं। अभी चुनाव का समय है और आरोपी मतदाताओं को भी प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा उसका बेटा एमबीबीएस कर रहा है और उसने अपनी सगाई समारोह की स्वयं व्यवस्था की है। ऐसे में वह शादी की व्यवस्था भी कर सकता है। इसके अलावा धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45 के तहत अदालत तभी जमानत दे सकती है, जब अदालत के बाद आरोपी के दोषी नहीं होने का ठोस आधार हो। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्रों को खारिज करते हुए उसे 9 दिसंबर से 13 दिसंबर तक पुलिस अभिरक्षा में विवाह समारोह में शामिल होने की अनुमति दी है। दूसरी ओर एडीजे कोर्ट ने एसआई भर्ती, स्कूल व्याख्याता और कृषि व्याख्याता भर्ती परीक्षा से जुडे तीन मामलों में आरोपी को साठ दिन की अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।