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शारदीय नवरात्र आज से, भोपाल, इंदौर और मैहर के देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

भोपाल, 11 अक्टूबर । शक्ति की आराधना का नौ दिवसीय पर्व शारदीय नवरात्र आज रविवार से शुरू हो गया है। पहले दिन घरों और देवी मंदिरों में घटस्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जा रही है। मध्यप्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। उज्जैन, भोपाल, इंदौर, सलकनपुर, मैहर और देवास सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भक्तों ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में विशेष पूजन, अभिषेक, आरती और शृंगार के आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई स्थानों पर सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

राजधानी भोपाल के प्रमुख देवी मंदिरों में नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। तलैया स्थित काली माता मंदिर, पीर गेट के कर्फ्यू वाली माता मंदिर और प्लेटिनम प्लाजा स्थित माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। घरों में भी घटस्थापना कर नौ दिनों तक चलने वाली पूजा-अर्चना की शुरुआत की जा रही है। ज्योतिष मठ संस्थान, भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम के अनुसार, इस वर्ष पूरे नौ दिनों की नवरात्रि का संयोग है। पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस बार माता रानी का आगमन हाथी पर माना जा रहा है, जिसे सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

सलकनपुर: विजयासन धाम में भक्तों की भीड़, रात तक एक लाख पहुंचने का अनुमान

सीहोर जिले के सलकनपुर स्थित मां विजयासन देवी धाम में नवरात्र के पहले दिन रविवार काे सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। मंदिर परिसर और सीढ़ी मार्ग पर भक्तों की कतारें लगी हैं। हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं। अनुमान है कि रविवार रात तक दर्शनार्थियों की संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है। मंदिर में घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा, विशेष अनुष्ठान और हवन-पूजन किए जा रहे हैं। विंध्य पर्वत पर करीब एक हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह धाम नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी विजयासन ने रक्तबीज का वध कर देवताओं को विजय दिलाई थी। इसी मान्यता से इस स्थान का नाम विजयासन धाम पड़ा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क और सीढ़ियों के साथ रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

इंदौर: बिजासन माता के दर्शन के लिए चार लाइनें, अन्नपूर्णा में तीन बार शृंगार

इंदौर के प्रमुख देवी मंदिरों में नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। बिजासन माता, अन्नपूर्णा माता और हरसिद्धि माता मंदिर में नौ दिनों तक विशेष पूजन, अभिषेक और शृंगार के आयोजन होंगे। बिजासन माता मंदिर के पुजारी अशोक वनगोस्वामी के अनुसार, इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन की तीन के बजाय चार लाइनें बनाई गई हैं। मान्यता है कि मंदिर में बिजासन माता अपनी नौ बहनों के साथ विराजमान हैं। नवरात्र के दौरान माता को चुनरी अर्पित करने के लिए भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। मंदिर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है।

अन्नपूर्णा मंदिर के मुख्य पुजारी जयद्रानंद गिरि महाराज के अनुसार, रविवार को अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना के साथ 11 पंडितों द्वारा सप्तचंडी यज्ञ शुरू किया जाएगा। माता का प्रतिदिन अभिषेक, आरती और छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। दिन में सुबह 4 बजे, दोपहर 12 बजे और शाम 4 बजे माता का शृंगार होगा। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन खिचड़ी प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। हरसिद्धि माता मंदिर में प्रतिपदा से नवमी तक विशेष पूजन और शृंगार होगा। अष्टमी पर हवन तथा नवमी को कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों की अलग-अलग दर्शन लाइनें बनाने की व्यवस्था की गई है।

मैहर: तड़के 3 बजे खुले मां शारदा मंदिर के पट, 650 पुलिसकर्मी तैनात

सतना जिले के मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में रविवार से शारदीय नवरात्र मेले की शुरुआत हुई। तड़के 3 बजे मंदिर के पट खुलते ही त्रिकूट पर्वत मां के जयकारों से गूंज उठा। सुबह 4 बजे प्रधान पुजारी पवन दाऊ महाराज ने मां शारदा की विशेष आरती और पूजा-अर्चना की। नवरात्र के पहले दिन दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त मैहर पहुंच रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर भी बाहर से आने वाले यात्रियों की भीड़ दिखाई दी। यात्रियों की सहायता के लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं। मेले में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए 650 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में व्यवस्था संभाल रही है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना के साथ नवरात्र उत्सव की शुरुआत हुई।

देवास की माता टेकरी पर नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। छोटी माता चामुंडा की आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। देवास के साथ इंदौर और आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह 7 बजे के बाद भीड़ बढ़ने लगी और बड़ी माता मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर कतारें लग गईं। बैरिकेडिंग के बीच श्रद्धालुओं को रुक-रुककर आगे बढ़ना पड़ा। दर्शन के लिए करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा।