उत्तराखंड में पैराग्लाइडिंग से रोजगार की नई राह, अब तक 141 युवाओं को मिला प्रशिक्षण
देहरादून, 20 अक्टूबर । उत्तराखंड के पहाड़ अब केवल पर्यटन का आकर्षण ही नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को पैराग्लाइडिंग में प्रशिक्षित कर व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसके तहत प्रशिक्षित युवा व्यावहारिक उड़ान का अनुभव हासिल कर भविष्य में इसे आजीविका का साधन बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के अनुसार, प्रदेश में अब तक 141 युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसी क्रम में पौड़ी गढ़वाल जिले के बिल्खेत में एक से 30 अक्टूबर तक उड़ान अभ्यास अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 17 प्रशिक्षित युवा हिस्सा ले रहे हैं। अभियान के दौरान उन्हें टेंडम फ्लाइंग का व्यावहारिक अनुभव दिलाने और 100 उड़ान घंटे पूरे कराने का लक्ष्य रखा गया है।
पैराग्लाइडिंग में प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव भी महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए युवाओं को निर्धारित अवधि में नियमित उड़ान अभ्यास का अवसर दिया जा रहा है। 100 उड़ान घंटे पूरे करने के बाद उन्हें 35 किलोमीटर की क्रॉस-कंट्री उड़ान पूरी करनी होगी। निर्धारित मानकों और अर्हताओं को पूरा करने वाले युवाओं को व्यावसायिक टेंडम पायलट लाइसेंस दिया जाएगा।
लाइसेंस प्राप्त करने के बाद युवा तकनीकी समिति की ओर से चयनित स्थलों पर व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग गतिविधियां शुरू कर सकेंगे। इससे उन्हें पर्यटन क्षेत्र में अपनी दक्षता का उपयोग करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।
पर्यटन विभाग के अनुसार, बिल्खेत में चल रहे अभियान के बाद नवंबर में चंपावत जिले में भी उड़ान अभ्यास अभियान आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को आवश्यक उड़ान अनुभव उपलब्ध कराना और उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तैयार करना है।
उत्तराखंड के पर्वतीय भूभाग और प्राकृतिक परिस्थितियों में साहसिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सकती हैं। प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक लाइसेंस तक पहुंचने की यह प्रक्रिया राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और इसमें स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।———–


