सोनीपत: गवाही के लिए कोर्ट में पेश नहीं हुए एसआई, चरस बरामदगी केस में गिरफ्तारी वारंट जारी
के अदालत में पेश नहीं होने पर कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।
सोनीपत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की अदालत ने गवाह की गैर-हाजिरी पर
सख्त रुख अपनाते हुए अभियोजन पक्ष के शेष गवाहों को भी समन जारी किए हैं। मामले की
के अनुसार, एसआई विजय पाल को साक्ष्य देने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के
निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह सुनवाई पर नहीं पहुंचे। अदालत ने अपने आदेश में टिप्पणी
की कि गवाह जानबूझकर न्यायिक कार्यवाही से बच रहा है। ऐसे में उसे अगली सुनवाई पर पेश
थाना गन्नौर में 8 अप्रैल 2021 को दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। पुलिस के अनुसार,
बलिस्टर और विनोद मारुति ईको वैन में चरस लेकर जा रहे थे। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट
के तहत कार्रवाई की गई थी। मामला राज्य बनाम बलिस्टर व अन्य के रूप में अदालत में विचाराधीन
के मुताबिक, जीटी रोड पर भाखरपुर मोड़ के पास गश्त के दौरान सूचना मिलने पर डीआईसीटी
रोड पर नाकाबंदी की गई। दोपहर बाद संदिग्ध वैन को रोककर तलाशी ली गई। इस दौरान तत्कालीन
नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार को राजपत्रित अधिकारी के रूप में मौके पर बुलाया गया। पुलिस
का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में वैन के डैशबोर्ड से 440 ग्राम चरस बरामद हुई थी।
के दौरान एएसआई जलजीत भी अदालत पहुंचे, लेकिन बचाव पक्ष की ओर से स्थगन का अनुरोध किए
जाने के कारण उनकी गवाही और जिरह पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई पर
दोबारा पेश होने के निर्देश दिए। सुनवाई में राज्य की ओर से महिला लोक अभियोजक मीना
तथा आरोपियों की ओर से अधिवक्ता संजय गौतम और गुलशन जोहर उपस्थित रहे।


