कॉलन और रेक्टल कैंसर की बढ़ती समस्या: रोबोटिक सर्जरी से मिलेगा राहत का रास्ता
एब्डोमिनल कैंसर डे के अवसर पर जयपुर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कोलन और रेक्टल कैंसर जैसे जटिल रोगों पर विशेषज्ञों और समाजसेवियों ने गहन चर्चा की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य “माय हेल्थ, माय रेस्पॉन्सबिलिटी” के संदेश के साथ जागरूकता फैलाना था। एब्डोमिनल कैंसर ट्रस्ट के सहयोग से इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट रिसर्च (IIEMR) और फोर्टिस हॉस्पिटल ने इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान पैनल डिस्कशन में कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ते मामलों, उसकी जांच, रोकथाम और उपचार की आधुनिक तकनीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में विधि और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। डॉ. अजय बापना, जो कि भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट हैं, ने बताया कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। उनका कहना था कि प्रारंभिक लक्षणों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। डॉ. रूपेश पोखरना, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष, ने संकेत दिया कि 25 से 50 वर्ष के बीच के लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लिहाजा इसकी स्क्रिनिंग का बढ़ता महत्व है।
इस दिशा में डॉ. राम डागा, जो कि G.I. सर्जरी के विभागाध्यक्ष हैं, ने रोबोट-असिस्टेड लैप्रोस्कोपिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रभावी उपचार के बारे में बताया। वहीं, डॉ. कमल किशोर ने बताया कि समय पर पहचान और उपचार किसी भी मरीज के लिए जीवनरक्षक सिद्ध हो सकता है। इस कार्यक्रम के संस्थापक डॉ. संदीप जैन ने सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विशेषकर युवाओं को कैंसर के लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए और समय पर जांच करवा ली जानी चाहिए।
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें पं. सुरेश मिश्रा, महेश गर्ग, नीरज बत्रा, मुकेश मिश्रा, मनीष अग्रवाल, डॉ. प्रमिला संजय, адвोकेट कमलेश शर्मा, और प्रवीण तिजारिया शामिल थे। उन्होंने इस पहल को समर्थन देने का आश्वासन दिया। IIEMR के निदेशक मुकेश मिश्रा ने इस कोशिश को व्यापक बनाने की दिशा में झारखंड, मिजोरम और केरल के मुख्यमंत्रियों का समर्थन प्राप्त होने की भी जानकारी दी।
एब्डोमिनल कैंसर डे की शुरुआत 2019 में हुई थी और यह हर साल 19 मई को मनाया जाता है। इस वर्ष का कार्यक्रम लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा पोस्टर के विमोचन के साथ शुरू हुआ। साथ ही, 25 शहरों में मल्टी-सिटी वॉक और 10 शहरों में ‘सिटी एम्बैसडर’ की नियुक्तियों के माध्यम से यह मुहिम एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले रही है। इस प्रकार, इस कार्यक्रम ने न केवल जागरूकता फैलाने का कार्य किया, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जाग्रत करने का भी प्रयास किया।

