Rajasthan

सुप्रीम फैसले के 23वें दिन कांग्रेस ने हाईकोर्ट में भाजपा विधायक की सदस्यता पर दायर की याचिका!

राजस्थान की विधानसभा से अंता के विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता शुक्रवार को समाप्त कर दी गई। यह निर्णय उस समय लिया गया जब उन्हें पिस्तौल तानने के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई। विधानसभा ने इस मामले में संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद अब सदन में 200 में से 199 विधायक ही रह गए हैं। यह अनुसूची बताती है कि रिक्त सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक है, जो अगले छह महीनों के भीतर किया जाना चाहिए।

हालाँकि, कंवरलाल मीणा ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की हुई है। इस पर सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित की गई है। यदि अदालत उनकी सजा को दो साल से कम मानती है, तो उनकी सदस्यता पुनः बहाल की जा सकती है। यह ध्यान देने योग्य है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले एक मई को उनकी सजा को स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके चलते उनकी सदस्यता उसी दिन से समाप्त मानी गई।

इस बीच, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है और सुनवाई की तिथि तय की गई है। लेकिन कंवरलाल मीणा की विधायकी समाप्त करने का निर्णय पहले ही आ गया था।

राज्य की 16वीं विधानसभा की बात करें, तो भजनलाल सरकार बनने के 18 महीने बाद इस विधानसभा में 19 फरवरी, 2024 को 10वां चुनाव होने जा रहा है। इस स्थिति में एक बार फिर सदस्यों की संख्या 200 से घटकर 199 हो गई है। इससे पहले, कांग्रेस के टिकट पर बागीदौरा से निर्वाचित महेंद्रजीत मालवीय ने इस्तीफा देकर सदन की संख्या को घटाया था।

13 मई 2025 को भाजपा के विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता समाप्त होने के बाद विधानसभा में सदस्यों की संख्या 199 हो गई थी। यह सुनिश्चित किया गया है कि आगामी छह महीने के भीतर रिक्त सीट पर उपचुनाव कराए जाएँगे। इसके बाद, 18 जून 2024 को पांच विधायकों के सांसद बनने से सदन की संख्या घटकर 195 रह गई। इसके साथ ही, 8 अगस्त को विधायक अमृतलाल और 14 सितंबर को विधायक जुबेर खान के निधन से दो और सीटें खाली हो गईं।

विधानसभा की रिक्त सीटों को भरने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, और 23 नवंबर को इस संदर्भ में 7 सीटों को भरा गया। इसके अलावा, 25 नवंबर, 2023 को विधानसभा की 200 में से 199 सीटों के लिए मतदान हुआ, लेकिन श्रीकरणपुर सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी गुरमीत कुन्नर के निधन के कारण चुनाव नहीं हो सका। राजस्थान की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए उपचुनावों में प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक अस्थिरता की आशंका व्यक्त की जा रही है।