Delhi

महेंद्र रियल्टर्स के शेयरों ने किया निराश, कमजोर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

महेंद्र रियल्टर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर का 49.45 करोड़ रुपये का आईपीओ 12 से 14 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 25.15 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 43.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 27.02 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 25.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 40.18 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 10,91,200 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 4.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 11.58 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 14.87 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 39 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 128.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी पर कर्ज में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर में कंपनी का कर्ज 43.64 करोड़ रुपये, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में घट कर 16.13 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में कंपनी का कर्ज एक बार फिर बढ़ कर 27.81 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।