सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल टैक्स वसूली रोकने के केरल हाई कोर्ट के आदेश को रखा बरकरार
ने केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश पर मुहर लगाई है जिसमें उच्च न्यायालय ने खस्ताहाल नेशनल हाइवे 544 पर टोल वसूली पर रोक लगा दिया था। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि गड्ढों और जाम की समस्या के बाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) या उसके एजेंट टोल नहीं वसूल सकते हैं।
एनएचएआई ने केरल उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने खस्ताहाल नेशनल हाइवे 544 पर टोल वसूली पर रोक लगा दिया था। उच्च न्यायालयने एडापल्ली से मुन्नुथी तक की 65 किलोमीटर लंबी सड़क को बेहद खराब बताते हुए एक टोल प्लाजा पर वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
सुनवाई के दौरान जब एक वकील ने उच्चतम न्यायालय के बाहर लगने वाले जाम का जिक्र किया था तो चीफ जस्टिस ने कहा कि दिल्ली जैसे शहर में दो घंटे की बारिश में ही पूरा शहर ठप हो जाता है, दिल्ली लकवाग्रस्त हो जाती है। सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने पूछा था कि जब सड़कों की हालत इतनी खराब है कि 12 घंटा लंबा ट्रैफिक जाम लगता है तो लोगों से 150 रुपये टोल के रुप में कैसे वसूला जा सकता है।
एनएचएआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि 12 घंटे का लंबा जाम इसलिए लगा क्योंकि एक लॉरी पलट गई थी। इस पर न्यायालय ने कहा था कि लॉरी अपने आप नहीं पलटी बल्कि गड्ढों की वजह से ऐसा हुआ।

