मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास को गति प्रदान की : उदय प्रताप सिंह
मध्य प्रदेश की धरती रत्नगर्भा: वीडी शर्मा
खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश को आर्थिक दृष्टि से संपन्न बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार संपूर्ण प्रदेश को आगे ले जाने के लिए कार्य कर रही है। मध्य प्रदेश की धरती रत्नगर्भा है। कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। पन्ना में हीरा के खनन के साथ उसकी पॉलिसिंग भी स्थानीय स्तर पर होगी। नौजवानों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। युवाओं के कौशल विकास के लिए कटनी में माइनिंग इंस्टीट्यूट शुरू करना चाहिए। सिंगरौली में पहले ही ऐसा एक इंस्टीट्यूट खोला जा चुका है। भविष्य में कटनी देश का प्रमुख और औद्योगिक शहर बनेगा।
प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने कहा कि मध्य प्रदेश की धरती हीरे के साथ सोना भी उगलती है। मध्य प्रदेश देश में ऐसा इकलौता राज्य है, जहां हर तरह के खनिज उपलब्ध हैं। कॉपर में सबसे अधिक उत्पादन, लाइमस्टोन और हीरा उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। कई खनिज की उपलब्धता उच्च श्रेणी में है। प्रदेश के हर जिले में कोई न कोई खनिज जरूर मिलता है। शहडोल में कोल, बॉक्साइड है, छिंदवाड़ा में कोल और बैतूल में ग्रेफाइट है। खनिजों के दोहन के लिए आवश्यक अधोसंरचना की जरूरत है। मध्य प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर लंबी सड़कें हैं। प्रदेश के इंस्टीट्यूट से हर साल 1 लाख बच्चे पढ़कर निकलते हैं। प्रदेश में बिजली सरप्लस है और पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश में ईंधन के लिए पेट्रोलियम और गैस के 12 ब्लॉक चिह्नित किए गए हैं। कोल बेस्ड मीथेन 37 प्रतिशत मध्य प्रदेश प्रोड्यूस करता है। खनन क्षेत्र के बेहतर दोहन के लिए सरकार और कंपनियों की अहम भूमिका है। जबलपुर में गोल्ड का भंडार मिला है। ग्रेफाइट सहित 30 क्रिटिकल एलिमेंट मिले है, जिन्हें क्रिटिकल मिनरल्स कहते हैं। लीथियम और लौह अयस्क के लिए सीधी में एक बेल्ट चिह्नित की गई है। प्रदेश में खनिज संपदा का देश में सबसे अधिक खनन हो रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से आहवान किया कि देश के दिल मध्य प्रदेश आइए, यहां आपको सोना और हीरे के साथ बहुत कुछ मिलेगा।
प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में एक लाख एकड़ से अधिक लैंडबैंक है। यहां बिजली सरप्लस है, जिसका 20 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी से आता है। हम 2030 तक एनर्जी बॉस्केट में 50 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी शामिल करेंगे। प्रदेश में कुशल और सस्ती दरों पर श्रमिक उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों से किए सभी वादे पूरे करती है। प्रदेश में 4 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर हैं, एक और नया बनेगा। राज्य सरकार कटनी में मल्टी मॉडल इंडस्ट्रियल डिपो बनाने जा रही है। प्रदेश में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने फरवरी में 18 नई बिजनेस फ्रेंडली पॉलिसी लागू की थी।
प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि सरकार औद्योगिक इकाई स्थापित करने पर उद्योगों को 40 प्रतिशत तक सहायता प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लंदन में ट्रेड एग्रीमेंट के समय ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस पर भी जोर दिया है। प्रधानमंत्री के इस मंत्र पर राज्य सरकार प्रदेश में आने वाले निवेशक को यह सुविधा प्रदान कर रहा है कि वह 30 दिन में अपना उद्योग शुरू कर सके। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश जन विश्वास बिल लागू किया है। प्रदेश की जनता को सरकार पर भरोसा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेशभर में अलग-अलग सेक्टर के रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। प्रदेश के समेकित विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। भोपाल में हुई जीआईएस में 30.77 लाख करोड़ के निवेश आए। उसके बाद एक लाख करोड़ का निवेश अलग-अलग कार्यक्रमों में मिल चुका है।

