पेराई सत्र 2025-26 में चीनी मिलों का संचालन समय से सुनिश्चित करने के निर्देश
उप गन्ना आयुक्त ने मिल प्रतिनिधियों से ड्राॅल प्रतिशत और चीनी परता बढ़ाने के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा की और गन्ना प्रजाति 0238 की बुवाई रोकने के आदेश दिए। मीरगंज, बिसौली और न्यौली मिलों में 0238 गन्ने का क्षेत्रफल अधिक होने के कारण किसानों को उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई के लिए प्रेरित करने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और कीट/रोग की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बरेली में 268.24 हेक्टेयर, पीलीभीत में 3700 हेक्टेयर, शाहजहांपुर में 150 हेक्टेयर, बदायूॅ में 45 हेक्टेयर और कासगंज में 480 हेक्टेयर में बाढ़ का पानी रुका हुआ है, जिससे गन्ना उत्पादन में 10-15 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है। इसके बावजूद रोग और कीट के कोई गंभीर प्रभाव नहीं पाए गए।
उप गन्ना आयुक्त ने शरदकालीन गन्ने की बुवाई को लक्ष्यानुसार सुनिश्चित करने, अनबाँडेण्ड गन्ना क्षेत्रफल को बॉडेण्ड में बदलने और फार्म मशीनरी बैंक से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही समिति स्तरीय सट्टा सर्वे प्रदर्शन मेले में प्राप्त आपत्तियों के समय पर निस्तारण और नए समिति सदस्य बनाने के भी आदेश जारी किए गए।
बैठक में परिक्षेत्र के समस्त जिला गन्ना अधिकारी, संभागीय विख्यापन अधिकारी, अपर सांख्यिकीय अधिकारी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति और समस्त चीनी मिलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त ने सभी मिलों से कहा कि किसानों को गन्ना बीज उपलब्ध कराने में हर संभव सहयोग किया जाए ताकि किसानों का लाभ सुनिश्चित हो और पेराई सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो।

