झज्जर जिले में 120 वयोवृद्ध वृक्षों को मिलेगी प्राण वायु देवता पेंशन
इस योजना के तहत 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों की देखभाल व परवरिश करने वालों को तीन हजार रुपये प्रति वर्ष पेंशन दी जाती है, ताकि लोग पुराने व विशाल वृक्षों की देखभाल और संरक्षण के लिए प्रोत्साहित हों। जिले में इस योजना को वन विभाग द्वारा प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) प्रवीण कुमार ने जानकारी दी कि जिले में ऐसे चयनित वयोवृद्ध वृक्षों की संख्या 120 है। उन्होंने बताया कि जिले में गठित समिति आवेदनों की जांच और भौतिक निरीक्षण के बाद ऐसे पेड़ों को चिह्नित करती है और उन्हें तीन हजार रुपये वार्षिक पेंशन दी जाती है। पहले चरण में 92 व दूसरा चरण जो हाल में संपन्न हुआ है इसमें 28 वृक्षों के आवेदन प्राप्त हुए। लाभार्थियों को यह पेंशन राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त होती है।
डीएफओ ने बताया कि यह देश की पहली योजना है जो वयोवृद्ध वृक्षों के संरक्षण के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देती है। इन पुराने वृक्षों से वातावरण में अधिक ऑक्सीजन उत्पन्न होती है और अनेक पक्षियों व जीवों का प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहता है। आरएफओ दीपक शर्मा ने कहा कि वयोवृद्ध वृक्ष हमारे जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। यह सिर्फ ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि पक्षियों को घर और पर्यावरण को स्थायित्व भी प्रदान करते हैं। हरियाणा सरकार का यह कदम समाज को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहा है।

