मऊ में तेज आवाज में डीजे बजाने वाले 10 संचालकों पर मुकदमा दर्ज
मऊ, 12 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में नवरात्रि में और मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाना संचालकों काे भारी पड़ गया। शहर कोतवाली समेत जिले के आठ डीजे संचालकों पर शुक्रवार देर शाम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं आने वाले दीपावली पर्व पर तेज आवाज में डीजे बजाने पर भी संचालकों काे प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे दी है।
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर इलामारन ने मीडिया से बात करते हुए रविवार काे बताया कि विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ डीजे संचालकों ने सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार के नियम और शासन-प्रशासन की गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है। ऐसा करने के मामले में थाना कोतवाली अंतर्गत 6 डीजे संचालकों और अन्य के विरुद्ध बीएनएस 292-93 और पर्यावरण अधिनियम 1986 के सेक्शन 15 का उल्लंघन के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं थाना चिरैयाकोट के अंतर्गत तीन डीजे संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी ने कहा कि किसी प्रकार के ध्वनि संचालन के लिए चार कैटेगरी आती हैं। इनमें इंडस्ट्रियल एरिया, कमर्शियल एरिया, रेजिडेंशियल एरिया और साइलेंस एरिया हैं, इन सबके अलग-अलग मानक हैं। दिन के मानक अलग है और रात के अलग। दिन में इंडस्ट्रियल एरिया में 75 डेसीबल, कमर्शियल एरिया में 65, रेजिडेंशियल में 55 और साइलेंस एरिया में 50 तय की गई है। जबकि रात में इंडस्ट्रियल एरिया 65, कमर्शियल एरिया 55, रेजिडेंशियल एरिया 45 और साइलेंस एरिया 40 डेसिबल है। निर्धारित मानक का जो भी उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। डीजे में प्रयोग होने वाले गाड़ियों का अगर मोडिफिकेशन करते हैं तो भी एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने अपील की कि त्योहारों में सभी नागरिकाें का दायित्व बनता है कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखें और लोगों के सुविधाओं का ख्याल रखें। तेज आवाज में डीजे बजाने से बुजुर्ग, बच्चों और हृदय के रोगियों के लिए काफी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। एसपी ने साफ शब्दों में हिदायत दी है कि आने वाले दीपावली में लक्ष्मी पूजा के दौरान अगर डीजे संचालकों द्वारा मानक के विपरीत तेज आवाज में डीजे बजाया गया तो उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

