जींद: आईपीएस आत्महत्या केस में एएसआई की आत्महत्या से जुलाना में मातम
संदीप का परिवार सेवा और त्याग की परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके पिता दयानंद पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत रहे थे। रिटायरमेंट के बाद करीब 20 वर्ष पहले वे रेल से सफर के दौरान हादसे का शिकार हो गए थे। जिसमें उनकी मृत्यु हो गई थी। संदीप के दादा भरत सिंह भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके थे और उन्हीं से प्रेरित होकर संदीप ने पुलिस की नौकरी को चुना था। 2007 में संदीप ने पुलिस की नौकरी ज्वाइन की।
मंगलवार को शीशपाल ने बताया कि संदीप के परिवार में उसकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी प्रतिभा नीट की तैयारी कर रही है। जबकि छोटी बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। बेटा राणू अभी चौथी कक्षा का छात्र है। लगभग पांच साल पहले संदीप अपने परिवार के साथ रोहतक में शिफ्ट हो गया था, जहां वह नौकरी कर रहा था। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक प्रशासन और पुलिस मामले की सच्चाई सामने नहीं लाते तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

