मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में होंगे शामिल
जनसम्पर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विमर्श करना और व्यक्ति, समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। जलवायु संकट, जो जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित कर रहा है और वर्तमान समय की गंभीर चुनौती है। यह संगोष्ठी नवंबर 2025 में ब्राजील में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (CoP 30) के लिए पूर्व परामर्श का कार्य करेगी। इसके सुझाव और विचार CoP 30 के अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा किए जाएंगे। मध्य प्रदेश इस चर्चा को शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।
उन्होंने बताया कि लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित इस संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में पर्यावरण और जीवनशैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चिंतन-मंथन किया जाएगा। इस आयोजन में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, सरकारी अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे।

