मप्र में तीन सिस्टम सक्रिय, आंधी-पानी से तापमान में रिकॉर्ड गिरावट, फसलों को भारी नुकसान
कई जिलों में जोरदार बारिश, दतिया में सबसे अधिक
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दतिया में सबसे अधिक डेढ़ इंच तक बारिश दर्ज की गई। जबलपुर में सवा इंच, मलाजखंड में पौन इंच, गुना में आधा इंच से ज्यादा और मंडला में आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। राजधानी भोपाल में दिनभर रिमझिम फुहारें गिरती रहीं, जिससे शहर का तापमान भी सामान्य से नीचे चला गया।
ग्वालियर, पचमढ़ी, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, निवाड़ी, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, उमरिया समेत कई जिलों में लगातार बारिश होती रही। इस बारिश ने जहां मौसम को सुहाना बना दिया, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर आई। खेतों में पानी भर जाने से फसलें बर्बाद हो गईं। कई इलाकों में धान, सोयाबीन और सब्जियों की फसलें गिर गईं एवं कई जगह ये सड़ने लगी हैं।
दिन में ठिठुरन, तापमान 22 डिग्री के नीचे
प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल में दिन का तापमान 24 डिग्री, इंदौर में 23.2 डिग्री, उज्जैन और ग्वालियर में 24 डिग्री, जबकि जबलपुर में 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। छिंदवाड़ा, दमोह, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, उमरिया, बैतूल, रायसेन, रतलाम, श्योपुर और शिवपुरी में भी तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे रहा।
तीन मौसमीय सिस्टम से बढ़ा असर
मौसम विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य सिस्टम सक्रिय हैं। इन तीनों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बादल छाए हुए हैं और लगातार बारिश हो रही है। इन सिस्टमों की सक्रियता अगले 24 घंटों तक जारी रहने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी चेतावनी जारी की है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बूंदाबांदी हो सकती है।
अक्टूबर में ठंड की दस्तक
उल्लेखनीय है कि आम तौर पर अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक मध्य प्रदेश में हल्की ठंड महसूस होने लगती है, लेकिन इस बार मौसम का यह रुख असामान्य माना जा रहा है। बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में जो गिरावट आई है, उसने नवंबर जैसी ठंड का अहसास पहले ही करा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होगा, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी फिलहाल संभव नहीं है।अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है।

