शिवपुरी में अंधे कत्ल का पुलिस ने किया खुलासा : पत्नी, दो बेटे और प्रेमी निकले हत्यारे
घटना का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी संजीव मुले ने बताया कि 29 अक्टूबर को थाना देहात पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम रायश्री में श्मशान घाट के पीछे कच्चे रास्ते पर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। शव की पहचान राकेश जाटव (43) पुत्र सूखाराम जाटव, निवासी रायश्री के रूप में की गई। शव की स्थिति देखकर प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या कहीं और की गई थी और बाद में शव को इस स्थान पर फेंका गया।
मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि उसे संदेह है कि इस हत्या में राकेश की पत्नी पारस जाटव और दो अन्य व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। इस सूचना को आधार बनाकर पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि पारस जाटव के संबंध पिछले तीन साल से गट्टा फैक्ट्री के ठेकेदार मुकेश मीणा से थे। दोनों के बीच गहरे संबंध थे और इसी रिश्ते ने हत्या की इस वारदात को जन्म दिया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुकेश मीणा को हिरासत में लिया और जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पूरा हत्याकांड कबूल कर लिया। मुकेश ने बताया कि पारस अपने पति राकेश से बेहद परेशान थी और उसने अपने प्रेमी मुकेश के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। जांच में सामने आया कि 28 अक्टूबर की दोपहर, पारस ने अपने दोनों बेटों कन्हैया और उसके 15 वर्षीय नाबालिग बेटे के साथ मिलकर राकेश की तौलिया से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उन्होंने शव को घर में ही छिपा दिया ताकि किसी को शक न हो।
रात करीब 10 बजे, पारस ने अपने प्रेमी मुकेश मीणा को घर बुलाया। मुकेश ने कन्हैया के साथ मिलकर शव को मोटरसाइकिल पर रखा और उसे गांव के बाहर श्मशान घाट के पीछे कच्चे रास्ते पर फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद सभी आरोपी सामान्य व्यवहार करते रहे ताकि किसी को घटना का संदेह न हो। हालांकि, जब शव मिलने के बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू की और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच की, तो सारा मामला धीरे-धीरे स्पष्ट होता चला गया। पुलिस ने मुकेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। साथ ही पारस जाटव, उसका बेटा कन्हैया जाटव, और नाबालिग बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि नाबालिग आरोपी को बाल न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए बाल सुधार गृह भेजा जाएगा, जबकि अन्य तीन आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। एडिशनल एसपी संजीव मुले ने बताया कि यह मामला पारिवारिक तनाव, अवैध संबंध और अविश्वास का घातक मिश्रण है। उन्होंने कहा कि “इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं कि घरेलू कलह और गलत रिश्ते किस हद तक भयावह परिणाम दे सकते हैं।” पुलिस ने आगे कहा कि अब इस केस में फॉरेंसिक साक्ष्य और मोबाइल डाटा के आधार पर चार्जशीट तैयार की जा रही है।

